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डीवाई पाटिल स्टेडियम में मरम्मत का काम जारी, नहीं खेले जा सकेंगे विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबले

डीवाई पाटिल स्टेडियम में मरम्मत का काम जारी, नहीं खेले जा सकेंगे विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबले
डीवाई पाटिल स्टेडियम में मरम्मत का काम जारी, नहीं खेले जा सकेंगे विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी के मुकाबले

नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में मरम्मत का काम जारी है, जिसकी वजह से यह स्टेडियम विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी 2027 के मुकाबलों की मेजबानी नहीं कर सकेगा। यह टूर्नामेंट अगले साल 14 से 28 फरवरी के बीच भारत में खेला जाएगा।

पिछले हफ्ते, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने छह टीमों वाले इस टी20 टूर्नामेंट के लिए मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम और वडोदरा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम को वेन्यू के तौर पर चुना। इससे पहले, श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के कामकाज में सरकारी दखल के कारण टूर्नामेंट को श्रीलंका से हटा दिया गया था, लेकिन डीवाई पाटिल स्टेडियम का नाम लिस्ट में न होना हैरानी की बात है, क्योंकि इसे देश में महिला क्रिकेट का एक अहम केंद्र माना जाता है। डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी कैंपस में मौजूद यह निजी स्टेडियम विमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल का वेन्यू था, जहां भारत ने साउथ अफ्रीका को हराकर अपनी पहली सीनियर महिला आईसीसी ट्रॉफी जीती थी। यह स्टेडियम विमेंस प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के मुकाबलों के लिए भी एक मुख्य वेन्यू है।

कई सूत्रों ने 'आईएएनएस' को बताया है कि दर्शकों के स्टैंड में बड़े पैमाने पर मरम्मत का काम जारी है, जिसकी वजह से यह स्टेडियम कुछ समय तक इस्तेमाल के लायक नहीं रहेगा।

हालात की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी को बताया, "मैच इसी वेन्यू पर होने थे, लेकिन वहां मरम्मत का काम शुरू हो गया है, इसलिए वेन्यू के मालिकों ने खुद ही कहा कि मैच किसी दूसरे स्टेडियम में करवा लिए जाएं। मरम्मत का काम पूरा होने में लगभग 6-8 महीने लगेंगे।"

अधिकारी ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान मैच करवाना सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स की वजह से मुमकिन नहीं था। उन्होंने कहा, "हमारी जानकारी के मुताबिक, मरम्मत का काम स्टैंड वाले हिस्से में हो रहा है, जहां वे दर्शकों के लिए वॉशरूम बना रहे हैं। अभी वॉशरूम सिर्फ ग्राउंड फ्लोर पर हैं, और लेवल 1, 2 और 3 पर कोई वॉशरूम नहीं है। साल 2006 में यह ठीक था, लेकिन अब यह जरूरी है क्योंकि भविष्य में सभी तरह के खेलों के लिए इस वेन्यू की बहुत मांग है। इसके अलावा, जब कॉन्ट्रैक्टर मरम्मत का वह हिस्सा कर रहे होते हैं, तो उन्हें सामने और साइड से भी पहुंच की जरूरत होती है।"

अधिकारी ने कहा, "यह लगातार चलने वाला काम है, इसलिए निर्माण कार्य और बड़े-बड़े मैच एक साथ नहीं हो सकते। असल में, क्रिकेट के अलावा भी, देशभर से बहुत से लोग स्टेडियम को किसी न किसी खेल आयोजन के लिए इस्तेमाल करने की मांग करते रहते हैं, और सभी को यही बात बताई जाती है। हम बस यही उम्मीद कर रहे हैं कि मरम्मत का सारा काम ठीक से हो जाए, ताकि डीवाई पाटिल स्टेडियम में जल्द ही फिर से मैच शुरू हो सकें।"

इस बात की पुष्टि करते हुए, वेन्यू चुनने की प्रक्रिया से जुड़े एक और अधिकारी ने 'आईएएनएस' को बताया, "हम बता सकते हैं कि डीवाई पाटिल स्टेडियम में नवीनीकरण का काम चल रहा है; इसलिए इसे पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी के लिए वेन्यू के तौर पर पेश नहीं किया गया।"

जब उनसे पूछा गया कि जिन बड़े शहरों में पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट मैच हुए हैं, वे विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी के लिए क्यों उपलब्ध नहीं थे, तो अधिकारी ने कहा, "जिन टियर-1 सेंटर्स का अक्सर लोग जिक्र करते हैं, वे साल के उस समय किसी दूसरे बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों के कारण उपलब्ध नहीं थे।"

भारतीय नजरिए से देखें, तो विमेस चैंपियंस ट्रॉफी ऐसे समय में होगी जब घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर बहुत व्यस्त होगा। भारत को 21 जनवरी से 3 मार्च तक ऑस्ट्रेलिया के साथ पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज की मेजबानी करनी है।

इसके अलावा, पुरुषों और महिलाओं के कई घरेलू और एज-ग्रुप टूर्नामेंट जैसे रणजी ट्रॉफी, कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी, महिला अंडर-23 वनडे ट्रॉफी और सीनियर महिला इंटर-जोनल प्रतियोगिता भी खेली जाएंगी।

विमेंस चैंपियंस ट्रॉफी पहले जून 2027 के लिए तय थी, लेकिन आईसीसी बोर्ड ने इसे फरवरी 2027 में आयोजित कराने का पैसला किया है। इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और श्रीलंका की टीमें हिस्सा लेंगी।

--आईएएनएस

आरएसजी

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