डूसू चुनाव: दिल्ली विश्वविद्यालय में वोटिंग जारी, कैंपस व कॉलेजों के बाहर जुटे छात्र
नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस) दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए शुक्रवार सुबह मतदान शुरू हो गया। अलग-अलग कॉलेजों और नॉर्थ कैंपस में छात्र अपने पसंदीदा उम्मीदवारों के पक्ष में वोट डाल रहे हैं। फिलहाल कई कॉलेजों में अच्छी खासी संख्या में छात्र मतदान के लिए पहुंचे। वहीं कई स्थानों पर छात्र धीरे धीरे-धीरे पहुंचना शुरू हो रहे हैं। विश्वविद्यालय में पहली पाली का मतदान होने के बाद दोपहर को दूसरा पाली की मतदान प्रक्रिया शुरू होगी।
गौरतलब है कि इस बार डूसू इलेक्शन में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव के चार प्रमुख पदों के लिए कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। सुबह साढ़े आठ बजे से मॉर्निंग कॉलेजों में मतदान शुरू हुआ है। इन कॉलेजों में मतदान प्रक्रिया दोपहर एक बजे तक चलेगी। इसके बाद सांध्य कॉलेजों में मतदान शुरू होगा। यहां दोपहर तीन बजे से शाम साढ़े सात बजे तक वोट डाले जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि मतदान को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कैंपस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विश्वविद्यालय में जगह-जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नजर भी आए।
इस बार डूसू चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए सबसे अधिक सात उम्मीदवार मैदान में हैं। उपाध्यक्ष पद पर पांच, जबकि सचिव और संयुक्त सचिव के लिए चार-चार उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की बात करें तो एबीवीपी की ओर से अध्यक्ष पद पर यश डबास चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन यानी एनएसयूआई ने विजय शंकर मीणा को उम्मीदवार बनाया है। वामपंथी छात्र संगठनों के गठबंधन ने भी भी चारों प्रमुख पदों पर दावेदारी पेश की गई है।
चुनाव में छात्र संगठनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस बार चुनाव प्रचार के दौरान हॉस्टल सुविधा, सस्ती शिक्षा व कैंपस सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे हैं। अलग-अलग छात्र संगठनों ने इन मुद्दों को लेकर अपने-अपने एजेंडे सामने रखे हैं। अब मतदान के जरिए छात्र तय करेंगे कि अगले कार्यकाल में छात्रसंघ का नेतृत्व किसके हाथों में होगा। मतदान के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
कॉलेज परिसरों के बाहर बैरिकेडिंग की गई है। बिना वैध पहचान पत्र के किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से हिंसा और लिंगदोह समिति के नियमों के उल्लंघन पर की गई सख्त टिप्पणियों के बाद प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से कराने पर जोर दिया जा रहा है। डूसू और कॉलेज यूनियन चुनाव में मतदान के लिए करीब 1000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके अलावा लगभग 300 सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट रखी गई हैं। करीब 8 से 10 कॉलेजों में छात्रसंघ चुनाव बैलेट पेपर के जरिए होंगे। मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद सभी मशीनें सील कर दी जाएंगी। मतदान के बाद मतगणना शनिवार, 19 सितंबर को सुबह साढ़े आठ बजे शुरू होगी। दोपहर तक परिणाम घोषित किए जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही यह साफ हो जाएगा कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ की कमान अगले कार्यकाल में किसके हाथों में होगी।
--आईएएनएस
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