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दशहरा पर वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल की अपील, कहा- अराजक तत्वों से मुक्त हो देश

दशहरा पर वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल की अपील, कहा- अराजक तत्वों से मुक्त हो देश
दशहरा पर वीएचपी प्रवक्ता विनोद बंसल की अपील, कहा- अराजक तत्वों से मुक्त हो देश

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने विजयादशमी के अवसर पर दशहरे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 101वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को खाली करने के नोटिस, संविधान और सेक्युलरिज्म पर शरजील इमाम की टिप्पणी, संजय राउत के बयान और आरएसएस को लेकर राहुल गांधी की एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। बंसल ने कई मुद्दों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए संबंधित नेताओं से अपनी स्थिति स्पष्ट करने और माफी मांगने की मांग की।

विनोद बंसल ने विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दशहरा असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का महापर्व है। उन्होंने कहा कि इस पर्व से प्रेरणा लेकर देश को अराजक तत्वों से मुक्त कराने का संकल्प लेना चाहिए। भगवान श्रीराम के संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जननी और जन्मभूमि स्वर्ग के समान हैं। इसलिए देश का आदर करना, उससे प्रेम करना और धर्म के मार्ग पर चलना जरूरी है। उन्होंने संघ के 101वें स्थापना दिवस पर भी शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को खाली करने के नोटिस पर बंसल ने कहा कि यदि सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से निर्माण किया गया है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह नियम किसी एक धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं होना चाहिए। मस्जिद हो, मदरसा हो या कोई अन्य सामान्य स्थल, यदि निर्माण अवैध है तो वह सरकारी प्रक्रिया और कानून के दायरे में आएगा। कानून का पालन किया जाना चाहिए और इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

संविधान और सेक्युलरिज्म को लेकर शरजील इमाम की टिप्पणी पर बंसल ने आरोप लगाया कि ऐसे बयान संविधान और देश की संवैधानिक व्यवस्था को चुनौती देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि भारत के संविधान में विश्वास और मातृभूमि के प्रति सम्मान को लेकर इस तरह की टिप्पणियों पर स्पष्टता जरूरी है। उन्होंने इस्लाम के मानने वालों से भी इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण देने की अपील की। साथ ही, संबंधित नेताओं से सवाल किया कि क्या वे ऐसे विचारों का समर्थन करते हैं। बंसल ने आगे कहा कि लोकतंत्र और संविधान में विश्वास नहीं रखने वाले लोगों को अपनी विचारधारा स्पष्ट करनी चाहिए।

अल्बानिया में प्रदर्शनकारियों द्वारा सुप्रीम कोर्ट को आग लगाए जाने की घटना पर संजय राउत के एक्स पोस्त को लेकर भी बंसल ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं और देश के चुने हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी उचित नहीं है। बंसल ने शिवसेना (उद्धव गुट) से इस मामले में माफी मांगने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पार्टी अल्बानिया जैसी घटना भारत में भी देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था पर किसी भी तरह का हमला स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

आरएसएस को लेकर राहुल गांधी के एक्स पोस्ट पर बंसल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उनके बयान को अनुचित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की टिप्पणियों में विरोधाभास है। बंसल ने कहा कि यदि संघ को समझना है तो उसकी शाखा में जाकर संगठन के विचारों और कार्यप्रणाली को समझना चाहिए। उन्होंने महिलाओं की स्थिति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक अधिकारों को लेकर भी राहुल गांधी पर सवाल उठाए। बंसल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हिंदू धर्मग्रंथों पर टिप्पणी करते हैं, लेकिन दूसरे धर्मों से जुड़े मुद्दों पर वैसी ही मुखरता नहीं दिखाते। संघ के बारे में टिप्पणी करने से पहले उसके विचारों को समझना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके

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