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दशहरा पर शस्त्र पूजन, मथुरा में 6 दिसंबर को मंदिर के पास प्रस्तावित ढांचे को गिराने का संकल्प

दशहरा पर शस्त्र पूजन, मथुरा में 6 दिसंबर को मंदिर के पास प्रस्तावित ढांचे को गिराने का संकल्प
दशहरा पर शस्त्र पूजन, मथुरा में 6 दिसंबर को मंदिर के पास प्रस्तावित ढांचे को गिराने का संकल्प

नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। देशभर में दशहरा का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दौरान कई जगहों पर शस्त्र पूजन का भी आयोजन किया गया। इस बीच मथुरा से एक बड़ा बयान सामने आया है। चित्रगुप्त पीठ के प्रमुख डॉ. स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने 6 दिसंबर को कारसेवा की घोषणा की है, जिसमें श्री कृष्ण मंदिर के पास एक प्रस्तावित ढांचे को गिराने के लिए विजयदशमी के अनुष्ठानों के दौरान हथौड़ों, छेनी, लोहदंड और फावड़ियों की पूजा की जाएगी।

डॉ. स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "शस्त्र और अस्त्र दोनों का पूजन किया गया। जिन अस्त्रों का पूजन किया गया, उनमें बड़े-बड़े हथौड़े, घन, छेनी और फावड़े जैसी बहुत सी चीजें हैं। समय बहुत नजदीक आ चुका है। 6 दिसंबर को गुंबद को गिराने का संकल्प है। फावड़े के पूजन के पीछे की वजह यह है कि जैसे-जैसे हथौड़े बजेंगे तो मलबा गिरेगा। जब मलबा गिरेगा तो उसे हटाने का काम फावड़े से होगा। हम तुरंत ही सफाई करते रहेंगे क्योंकि हम औरंगजेब की किसी भी निशानी को छोड़ना नहीं चाहते।"

वहीं अयोध्या में दशहरा के अवसर पर बाबरी मस्जिद मामले के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "दशहरा और नवरात्रि बहुत ही शुभ अवसर हैं। मैं देश के सभी लोगों को बधाई देता हूं और उनका धन्यवाद करता हूं। हमारा देश देवी-देवताओं की कृपा से धन्य है और लोगों की आस्था है कि इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था, जिससे राम राज्य की शुरुआत हुई। पूरे देश के लोग भगवान राम का सम्मान करते हैं। आज बहुत खुशी का दिन है और इस अवसर पर मैं सभी को धन्यवाद देता हूं।"

जम्मू और कश्मीर में भी विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विश्व हिंदू परिषद के एक सदस्य ने कहा, "विजयदशमी के इस पावन अवसर पर, मैं पूरे विश्व हिंदू परिषद की ओर से आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूँ। जैसा कि आप जानते हैं, यह त्योहार अधर्म पर धर्म की जीत और बुराई के विनाश का प्रतीक है। हमारे सनातन धर्म में हर साल विजयदशमी का त्योहार अधर्म पर धर्म की विजय के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।"

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी

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