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Durga Puja 2026 Guidelines: पश्चिम बंगाल में जारी हुए दुर्गा पूजा के नए नियम, देखें पूरी लिस्ट

Durga Puja 2026 Guidelines: पश्चिम बंगाल में जारी हुए दुर्गा पूजा के नए नियम, देखें पूरी लिस्ट

इस साल पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का आयोजन कई नए नियमों के साथ होने जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से शराब बिक्री, DJ संगीत, पंडाल उद्घाटन, सरकारी अनुदान, बिजली खर्च, फायर सेफ्टी और विसर्जन जुलूस को लेकर अहम फैसले किए गए हैं।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को कोलकाता में दुर्गा पूजा समितियों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए इन नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। नए नियम पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान चली आ रही कई परंपराओं से अलग हैं। इनमें कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित होने वाला मशहूर दुर्गा पूजा कार्निवल भी शामिल है।

आइए जानते हैं इस बार दुर्गा पूजा को लेकर क्या-क्या बदलाव किए गए हैं।

महाअष्टमी पर रहेगा ड्राई डे

सरकार के सबसे बड़े फैसलों में से एक महाअष्टमी के दिन पूरे पश्चिम बंगाल में शराब की बिक्री बंद रखने का है। इस दिन शराब की दुकानें, बार और अन्य शराब बेचने वाले प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।

यानी दुर्गा पूजा के प्रमुख दिनों में शामिल अष्टमी पर पूरे राज्य में ड्राई डे रहेगा।

दुर्गा पूजा और विसर्जन में DJ पर रोक

राज्य सरकार ने दुर्गा पूजा समारोह और विसर्जन जुलूस के दौरान DJ संगीत के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया है।

सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अत्यधिक शोर को नियंत्रित करना और दुर्गा पूजा के पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखना है।

महालया से पहले नहीं होगा पंडालों का उद्घाटन

पूजा समितियों को निर्देश दिया गया है कि महालया से पहले किसी भी पंडाल का उद्घाटन नहीं किया जाएगा।

कोलकाता में बड़े और थीम आधारित पंडालों को कई बार त्योहार शुरू होने से पहले ही खोल दिया जाता था, जिससे लोग पहले से ही पंडाल घूमना शुरू कर देते थे। अब इस पर रोक लगाने का फैसला किया गया है।

थीम-बेस्ड पंडालों पर पूरी रोक नहीं

सरकार ने थीम आधारित दुर्गा पूजा पंडालों पर प्रतिबंध नहीं लगाया है। हालांकि, आयोजकों को ऐसी थीम चुनने में सावधानी बरतने को कहा गया है, जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों या जिन्हें सनातन परंपराओं के खिलाफ माना जा सकता हो।

गौरतलब है कि कोलकाता की दुर्गा पूजा में थीम-बेस्ड पंडालों की खास पहचान रही है। इन पंडालों में सामाजिक मुद्दों, इतिहास, कला, राजनीति और समकालीन विषयों पर आधारित अलग-अलग थीम देखने को मिलती रही हैं।

रेड रोड का दुर्गा पूजा कार्निवल नहीं होगा

सरकार ने कोलकाता के रेड रोड पर होने वाले सालाना दुर्गा पूजा कार्निवल को इस साल आयोजित नहीं करने का फैसला किया है।

इस कार्निवल की शुरुआत वर्ष 2017 में ममता बनर्जी सरकार के दौरान हुई थी। यह पूजा के बाद होने वाले सबसे चर्चित आयोजनों में शामिल था, जिसमें शहर की प्रमुख दुर्गा पूजा समितियां अपनी प्रतिमाओं के साथ हिस्सा लेती थीं।

इसकी जगह त्योहारों के मौसम की शुरुआत पर ईडन गार्डन्स में एक बड़े कार्यक्रम की योजना बनाई गई है। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ड्रोन और आतिशबाजी शो आयोजित किए जाने की उम्मीद है। इसके अलावा महालया के बाद दीघा और राज्य के छह शहरों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।

पूजा समितियों को मिलेगा सरकारी अनुदान

सरकार ने दुर्गा पूजा समितियों को आर्थिक सहायता जारी रखने का फैसला किया है, लेकिन अनुदान की राशि में बदलाव किया गया है।

पिछली सरकार के दौरान पूजा समितियों को 1.10 लाख रुपये तक की सहायता दी गई थी। नई व्यवस्था के तहत यह राशि 1 लाख रुपये तय की गई है।

सरकार का कहना है कि इस सहायता का मुख्य उद्देश्य छोटी और आर्थिक रूप से कमजोर पूजा समितियों को सहयोग देना है। बड़ी और आर्थिक रूप से मजबूत पूजा समितियों से सरकारी सहायता न लेने की अपील भी की गई है।

बिजली का खर्च और फायर सेफ्टी फीस माफ

पूजा समितियों को राहत देते हुए सरकार ने दुर्गा पूजा के दौरान बिजली के खर्च को 100 फीसदी माफ करने का ऐलान किया है।

इसके अलावा जरूरी फायर सेफ्टी मंजूरी लेने के लिए भी पूजा समितियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे आयोजन समितियों पर होने वाला खर्च कम होने की उम्मीद है।

मुख्य सड़कें और हाईवे बंद करने की अनुमति नहीं

पूजा समितियों को निर्देश दिया गया है कि आयोजन के दौरान ऐसी व्यवस्था न की जाए, जिससे मुख्य सड़कें या राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हों।

सरकार का फोकस दुर्गा पूजा के दौरान यातायात व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने पर रहेगा, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

विसर्जन को लेकर भी सख्त नियम

मूर्ति विसर्जन की प्रक्रिया को लेकर भी सरकार ने कुछ पाबंदियां लागू करने का फैसला किया है। विसर्जन घाटों पर क्रेन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के साथ ही अन्य व्यवस्थाओं के लिए भी सख्त नियम बनाए गए हैं।

कुल मिलाकर, इस साल पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। शराब बिक्री से लेकर DJ, पंडाल उद्घाटन, सरकारी अनुदान, बिजली खर्च, कार्निवल और विसर्जन तक नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।

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