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डुकम पोर्ट पहुंचा भारतीय नाविक निशांत उर्थनाथन का पार्थिव शरीर, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत भेजा जाएगा

मस्कट, 14 जून (आईएएनएस)। भारतीय नाविक निशांत उर्थनाथन का पार्थिव शरीर डुकम बंदरगाह पर पहुंच गया। ओमान में भारतीय दूतावास ने बताया कि संबंधित ओमानी अधिकारी पार्थिव शरीर को जहाज से उतारने के लिए सभी प्रक्रियाओं को फॉलो कर रहे हैं। ओमान में कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद निशांत का पार्थिव शव जल्द से जल्द भारत भेज दिया जाएगा।
डुकम पोर्ट पहुंचा भारतीय नाविक निशांत उर्थनाथन का पार्थिव शरीर, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत भेजा जाएगा

मस्कट, 14 जून (आईएएनएस)। भारतीय नाविक निशांत उर्थनाथन का पार्थिव शरीर डुकम बंदरगाह पर पहुंच गया। ओमान में भारतीय दूतावास ने बताया कि संबंधित ओमानी अधिकारी पार्थिव शरीर को जहाज से उतारने के लिए सभी प्रक्रियाओं को फॉलो कर रहे हैं। ओमान में कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद निशांत का पार्थिव शव जल्द से जल्द भारत भेज दिया जाएगा।

ओमान में भारतीय विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "निशांत उर्थनाथन का पार्थिव शरीर ले जा रहा एमटी सेलेस्टियल जहाज अब डुकम पोर्ट पर पहुंच गया है, जहां संबंधित ओमानी अधिकारी पार्थिव शरीर को उतारने के लिए जरूरी प्रक्रिया पूरी करेंगे। मिशन ने पोर्ट पर इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए हैं।"

ओमान के तट के आसपास एमटी सेलेस्टियल जहाज पर सवार 35 साल के भारतीय नाविक निशांत उर्थनाथन की गुरुवार को मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय समुद्र क्षेत्र में जारी तनाव के बीच निशांत की तबीयत बिगड़ गई और हमलों के बीच उन्हें उचित स्वास्थ्य सुविधा मुहैया नहीं हो सकी, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई।

इससे पहले रविवार को भारतीय दूतावास ने एक्स पोस्ट में बताया कि दूतावास लगातार भारतीय नागरिक निशांत उर्थनाथन के परिवार, जहाज के चालक दल (क्रू) के सदस्यों और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है। दुर्भाग्यवश, चिकित्सा संबंधी कारणों के चलते उनका निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द जहाज से उतारकर भारत भेजने (स्वदेश लाने) की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।

फॉरवर्ड सीमेन्स यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) ने मामले की जानकारी देते हुए कहा, "नाविकों के लिए एक और दुखद घटना। एमटी सेलेस्टियल के दूसरे अधिकारी की 11 जून की शाम 6 बजे तक समय पर मेडिकल मदद न मिलने की वजह से मौत हो गई। दो दिन बाद भी पार्थिव शरीर जहाज पर ही है। ओमान के पोर्ट डुकम ने वाई-फाई/कम्युनिकेशन बंद कर दिया है और अधिकारी कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। नाविकों की परवाह कौन करता है? वे दुनिया भर का व्यापार चलाते हैं, लेकिन उन झगड़ों में मेडिकल देखभाल और वापसी में अनदेखी का सामना करते हैं जिनसे उनका कोई लेना-देना नहीं होता।"

बता दें कि एफएसयूआई, भारतीय नाविकों और मर्चेंट नेवी के कर्मचारियों एवं अधिकारों के लिए लड़ने वाला देश का सबसे बड़ा और पुराना व्यापार संघ है।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी

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