DU छात्रसंघ चुनाव: नतीजों के बाद विक्ट्री जुलूस पर रोक, वीडियो में जाने 140 उम्मीदवारों को नोटिस, कोर्ट ने मांगा जवाब
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU चुनाव को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने छात्र संघ चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद किसी भी तरह के विजय जुलूस पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध केवल दिल्ली की सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस और हॉस्टल में भी लागू होगा। कोर्ट ने यह आदेश चुनाव के दौरान नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए दिया।
चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने चुनाव में कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन करने को लेकर सभी छात्र संगठनों और चुनाव लड़ रहे 140 उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है कि नियमों के उल्लंघन के आरोप में उन पर सामूहिक हर्जाना क्यों न लगाया जाए।कोर्ट के आदेश के बाद चुनाव परिणाम आने पर उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की ओर से विजय जुलूस निकालने पर रोक रहेगी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध विश्वविद्यालय परिसर और हॉस्टल के भीतर भी प्रभावी होगा। ऐसे में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद जीत का जश्न मनाने के लिए जुलूस या किसी तरह की सामूहिक रैली आयोजित करने की अनुमति नहीं होगी।
DUSU चुनाव में प्रमुख छात्र संगठनों के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP ने अध्यक्ष पद के लिए यश डबास को अपना उम्मीदवार बनाया है। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए ईशू मौर्या को प्रत्याशी बनाया गया है। दूसरी ओर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया यानी NSUI ने अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीणा और उपाध्यक्ष पद के लिए वीर चतरथ को मैदान में उतारा है।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव देश के सबसे चर्चित छात्र चुनावों में शामिल है। इस चुनाव में करीब पौने तीन लाख छात्र मतदान के लिए पात्र हैं। बड़ी संख्या में छात्रों के जुड़ने के कारण DUSU चुनाव को देश का सबसे बड़ा छात्र चुनाव माना जाता है। चुनाव के दौरान छात्र संगठनों की गतिविधियों, प्रचार और चुनावी नियमों के पालन को लेकर भी लगातार नजर रखी जाती है।
इस बार चुनाव नियमों के कथित उल्लंघन को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद छात्र संगठनों और उम्मीदवारों के लिए चुनावी प्रक्रिया के नियमों का पालन करना अहम हो गया है। अदालत ने 140 उम्मीदवारों और संबंधित छात्र संगठनों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। अब इस मामले में संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर अदालत आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी।विजय जुलूस पर रोक के आदेश का सीधा असर चुनाव परिणाम के बाद होने वाले जश्न पर पड़ेगा। उम्मीदवारों के समर्थकों को कैंपस, हॉस्टल और सड़कों पर जुलूस निकालने से बचना होगा। हाईकोर्ट की इस कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि छात्र संघ चुनाव में निर्धारित नियमों और आचार संहिता के पालन को लेकर अदालत गंभीर है।

