ड्रग्स से लेकर लद्दाख तक कई मुद्दों पर बोले कविंदर गुप्ता, वांगचुक के बयान को बताया सकारात्मक
जम्मू, 20 मार्च (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की एनएसए के तहत की गई हिरासत रद्द किए जाने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नशे को समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इस पर सख्ती से रोक लगाने की जरूरत पर जोर दिया।
एनएसए के तहत हिरासत को रद्द किए जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा कि वो भारत के साथ हैं और देश और लद्दाख के हित के लिए कार्य करेंगे। कविंदर गुप्ता ने आईएएनएस से बात करते हुए वांगचुक के बयान की तारीफ की और कहा, "यह अच्छी सोच है। मुझे लगता है कि अगर पहले ऐसी सोच होती, तो वो हिरासत में नहीं जाते। सरकार लद्दाख के हित में हमेशा काम कर रही है और पहले भी किया है, जो भी होगा संविधान के दायरे में ही होगा।"
कविंदर गुप्ता ने पंजाब के साथ-साथ हिमाचल में ड्रग्स के बढ़ते कारोबार को लेकर कहा, "जहां तक ड्रग्स का सवाल है, यह बहुत ही चिंतनीय विषय है। मुझे लगता है कि कहीं न कहीं पूरा समाज इसमें किसी न किसी तरह से जुड़ा हुआ है। माता-पिता को अपने बच्चों की चिंता रहती है। ड्रग्स को समाप्त करने के लिए बहुत तेजी से काम किया जा रहा है, सरकार पहले भी इस पर काम करती रही है। ऑर्गेनिक खेती और पर्यटन को हम किस प्रकार से बढ़ा पाएं, उसके लिए लगातार काम हो रहे हैं। हिमाचल में हर तरह के कार्य करने का बहुत स्कोप है। मुझसे जो भी कार्य हो पाएगा, मैं वह करूंगा।"
उन्होंने मध्य-पूर्व में बढ़े तनाव का भारत में पड़ने के असर के सवाल पर कहा, "हिमाचल पर अभी इसका असर नजर नहीं आया है, लेकिन जब यह युद्ध आगे बढ़ेगा, तो चिंताएं बढ़ सकती हैं। जब भी ऐसी आपदा आती है, उस समय हमारी कोशिश रहती है कि ऐसा माहौल बने, जिससे किसी को कोई दिक्कत न हो।"
कविंदर गुप्ता ने कनवर्जन के सवाल पर कहा, "कनवर्जन पर कानून बनना चाहिए। कुछ लोग लालच देकर कनवर्जन करने की कोशिश करते हैं, जिस पर रोक लगना चाहिए। हिंदुस्तान में ऐसे प्रचलन पर रोक लगना चाहिए। सरकार का इस पर काफी फोकस किया है। अगर हिमाचल में भी इसपर फोकस किया जाए, तो हम इसके लिए काफी कोशिश करेंगे।"
फिल्म 'धुंरधर 2' में पूर्व माफिया अतीक अहमद का कनेक्शन आईएसआई के साथ दिखाने को लेकर कविंदर गुप्ता ने कहा, "हर चीज सेंसर होकर आती है, जो भी देशभक्ति की फिल्में आती हैं, जिससे लोगों को असलियत का पता चलता है। पहले कई फिल्में ऐसी भी आती रही हैं, जिसने लोगों को गुमराह किया है। मुझे लगता है सरकार को धुंरधर जैसी देशभक्ति वाली फिल्मों को टैक्स फ्री करना चाहिए, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस फिल्म को देखें।"
--आईएएनएस
एससीएच/वीसी

