Samachar Nama
×

भारत के ऑटो सेक्टर को दुनिया में नंबर-1 बनाना सपना, वीडियो में बोले नितिन गडकरी; EV की कीमत घटाने पर दिया जोर

भारत के ऑटो सेक्टर को दुनिया में नंबर-1 बनाना सपना, वीडियो में बोले नितिन गडकरी; EV की कीमत घटाने पर दिया जोर

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि उनका सपना भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर को दुनिया में नंबर-1 बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत फिलहाल अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार है और आने वाले समय में देश इस क्षेत्र में शीर्ष स्थान हासिल करने की क्षमता रखता है। गडकरी ने यह बात 30 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित पहले HT Auto Leaderboard Awards 2026 के दौरान कही।

ऑटो सेक्टर अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा

गडकरी ने कहा कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उनके मुताबिक, देश का ऑटो सेक्टर अर्थव्यवस्था में 22.75 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का योगदान देता है। उन्होंने उद्योग के रोजगार, सरकारी राजस्व और निर्यात में योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। इससे पहले सरकार की ओर से भी भारत के ऑटोमोबाइल बाजार के दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंचने की जानकारी दी गई है।गडकरी ने कहा कि भारत में मौजूद बड़ी वैश्विक ऑटो कंपनियां अब केवल यहां वाहन असेंबल करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भारत से दूसरे देशों में वाहनों का निर्यात भी कर रही हैं। सरकार का जोर भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने पर है।

क्लीन फ्यूल और नई तकनीक पर फोकस

केंद्रीय मंत्री ने ऑटो सेक्टर में क्लीनर पावरट्रेन और वैकल्पिक ईंधन तकनीक को बढ़ावा देने की जरूरत पर भी जोर दिया। सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ एथेनॉल, बायोफ्यूल, हाइड्रोजन और अन्य वैकल्पिक ईंधन तकनीकों पर भी काम कर रही है।गडकरी ने कहा कि ग्राहकों की सोच और पसंद में बदलाव के साथ इलेक्ट्रिक वाहन भारतीय ऑटो इंडस्ट्री का एक महत्वपूर्ण सेगमेंट बनते जा रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई, जिसे उन्होंने बैटरी से चलने वाले वाहनों के प्रति ग्राहकों के बढ़ते रुझान का संकेत बताया।

EV सस्ती करने के तरीके खोजने की अपील

गडकरी ने ऑटोमोबाइल कंपनियों से इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत कम करने के रास्ते तलाशने की अपील की। उनका कहना है कि EV की कीमत कम होने से ज्यादा ग्राहक इन्हें अपनाने के लिए आगे आ सकते हैं। उन्होंने बताया कि जब भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर काम शुरू हुआ था, तब लिथियम-आयन बैटरी की लागत करीब 150 डॉलर प्रति किलोवॉट-घंटा थी, जो अब घटकर लगभग 50 डॉलर प्रति किलोवॉट-घंटा रह गई है।HT Auto Leaderboard Awards 2026 में ऑटो सेक्टर की नई तकनीक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और भविष्य के ईंधन विकल्पों पर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल पावरहाउस बनाने और 2030 तक मोबिलिटी के लिए अलग-अलग ऊर्जा विकल्पों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

Share this story

Tags