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स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड की बिक्री पर नए नियमों का ड्राफ्ट, नमक-चीनी और फैट की मात्रा से तय होगी पाबंदी

स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड की बिक्री पर नए नियमों का ड्राफ्ट, वीडियो में जाने नमक-चीनी और फैट की मात्रा से तय होगी पाबंदी

देश के स्कूलों के आसपास बच्चों को ज्यादा नमक, चीनी और फैट वाले खाद्य पदार्थों से दूर रखने के लिए सरकार नियमों को और स्पष्ट करने की तैयारी कर रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस संबंध में नए नियमों का ड्राफ्ट जारी किया है। इसमें किसी खाद्य पदार्थ पर रोक लगाने का आधार उसमें मौजूद नमक, चीनी और फैट की मात्रा को बनाया जाएगा।

दरअसल, देश में वर्ष 2020 से स्कूल और उसके 50 मीटर के दायरे में ज्यादा नमक, चीनी और फैट वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक का प्रावधान है। हालांकि, पिछले करीब छह वर्षों में यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि किन-किन खाद्य पदार्थों को इस श्रेणी में शामिल किया जाए। नए ड्राफ्ट के जरिए इसी स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश की गई है।नए नियमों में पैकेट पर लिखी पोषण संबंधी जानकारी के आधार पर यह तय किया जाएगा कि कोई खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के दायरे में आता है या नहीं। यानी किसी उत्पाद में नमक, चीनी या फैट की मात्रा तय सीमा से अधिक होने पर उसके स्कूल परिसर या निर्धारित दायरे में बिक्री पर रोक लग सकती है।

चिप्स, बिस्किट और नमकीन पर सीधे रोक नहीं

मौजूदा स्थिति में चिप्स, बिस्किट, नमकीन या कोल्ड ड्रिंक जैसे किसी खास उत्पाद के नाम से सीधे प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। नए नियमों में खाद्य पदार्थ की श्रेणी के बजाय उसमें मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा को आधार बनाने का प्रस्ताव है।

स्कूल कैंटीन से लेकर 50 मीटर तक लागू नियम

मौजूदा नियमों के तहत स्कूल की कैंटीन, मेस और हॉस्टल में ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक है। इसके अलावा स्कूल के मुख्य गेट से 50 मीटर के दायरे में भी निर्धारित श्रेणी के खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध है। बच्चों को आकर्षित करने वाले ऐसे खाद्य पदार्थों के विज्ञापनों पर भी रोक का प्रावधान है।

नए ड्राफ्ट में अब यह निर्धारित करने की कोशिश की गई है कि किसी खाद्य पदार्थ में नमक, चीनी या फैट की कितनी मात्रा होने पर उसे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक श्रेणी में रखा जाए। इससे स्कूलों और खाद्य विक्रेताओं के लिए नियमों को समझना आसान हो सकता है।नए नियम लागू होने के बाद स्कूलों के आसपास खाद्य पदार्थों की बिक्री और बच्चों को लक्षित करने वाले विज्ञापनों को लेकर निगरानी का दायरा भी स्पष्ट हो सकता है। फिलहाल ड्राफ्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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