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दोस्त बदले जा सकते हैं पड़ोसी नहीं, चीन को संप्रभुता का सम्मान करना होगा: अभिलाष पांडा

दोस्त बदले जा सकते हैं पड़ोसी नहीं, चीन को संप्रभुता का सम्मान करना होगा: अभिलाष पांडा
दोस्त बदले जा सकते हैं पड़ोसी नहीं, चीन को संप्रभुता का सम्मान करना होगा: अभिलाष पांडा

भुवनेश्वर, 12 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओडिशा इकाई 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत 17 सितंबर को भुवनेश्वर में मेगा स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित करेगी। पार्टी के युवा मोर्चा अध्यक्ष अभिलाष पांडा ने बताया कि शिविर का आयोजन यूनिट-3 स्थित प्रदर्शनी मैदान में सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक किया जाएगा। उन्होंने ओडिशा के युवाओं से बड़ी संख्या में रक्तदान करने की अपील की है।

अभिलाष पांडा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर युवा मोर्चा की ओडिशा इकाई इस मेगा ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन करने जा रही है। यह कार्यक्रम 'सेवा संकल्प अभियान' का हिस्सा है। शिविर में स्वैच्छिक रक्तदाताओं की बड़ी भागीदारी की उम्मीद है और संगठन का लक्ष्य रक्तदान के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ना है। ओडिशा के युवा भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेतृत्व में 17 सितंबर को रक्तदान के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाने का प्रयास करेंगे।

उन्होंने कहा कि ओडिशा के युवा अलग-अलग माध्यमों से प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना समर्थन और स्नेह व्यक्त करते रहे हैं। रक्तदान शिविर के जरिए भी युवा सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल का आभार जताते हुए कहा कि दोनों नेताओं से पार्टी को इस तरह के आयोजनों के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा मिलती रहती है। पांडा ने उम्मीद जताई कि शिविर में बड़ी संख्या में युवा शामिल होंगे और यह अभियान देशभर में एक उदाहरण बनेगा।

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत रवाना होने से पहले दिए गए उस बयान पर भी अभिलाष पांडा ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को बेहतर तरीके से संभालने और बातचीत बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया था। पांडा ने कहा कि भारत हमेशा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंधों की नीति की बात करता रहा है। शांति किसी भी देश की प्रगति और विकास के लिए महत्वपूर्ण कारक है और भारत का उद्देश्य सभी के विकास के साथ आगे बढ़ना रहा है।

अभिलाष पांडा ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि 'दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं', इसलिए भारत को अपने पड़ोसी देशों के साथ शांतिपूर्ण और मजबूत संबंध रखने चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि 'नया भारत' अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। भारत सभी देशों के साथ अच्छे संबंध रखना चाहता है, लेकिन राष्ट्रीय हितों की कीमत पर समझौता नहीं करेगा।

चीन के साथ संबंधों पर पांडा ने कहा कि भारत चीन के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन इसके लिए चीन को भारत की संप्रभुता और राष्ट्रीय अखंडता का सम्मान करना होगा। भारत की ओर से चीन को हमेशा दोस्ती की नजर से देखने की कोशिश की गई है। भारत सभी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना चाहता है और चीन के साथ भी सकारात्मक रिश्तों का स्वागत करेगा। दोनों देशों के बीच संवाद और आपसी सम्मान से संबंधों को आगे बढ़ाने का रास्ता तैयार हो सकता है।

ब्रिक्स सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी को अभिलाष पांडा ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के प्रमुख नेताओं का भारत आना इस बात को दर्शाता है कि भारत अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के केंद्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। शी जिनपिंग द्वारा भारत के साथ अच्छे संबंधों की इच्छा जताना सकारात्मक संदेश है और भारत के लोग भी चीन के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। लेकिन, अच्छे संबंध आपसी सम्मान, संप्रभुता और राष्ट्रीय अखंडता के आधार पर ही आगे बढ़ने चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके

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