Samachar Nama
×

दूसरे टेस्ट में हारकर भी बांग्लादेश के नाम ऐतिहासिक उपलब्धि, आईसीसी रैंकिंग में पहली बार छठे नंबर पर पहुंची टीम

दूसरे टेस्ट में हारकर भी बांग्लादेश के नाम ऐतिहासिक उपलब्धि, आईसीसी रैंकिंग में पहली बार छठे नंबर पर पहुंची टीम
दूसरे टेस्ट में हारकर भी बांग्लादेश के नाम ऐतिहासिक उपलब्धि, आईसीसी रैंकिंग में पहली बार छठे नंबर पर पहुंची टीम

नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। आईसीसी की ताजा टेस्ट रैंकिंग में बांग्लादेश ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। बांग्लादेश ने तीन पायदान की छलांग लगाई है और टीम छठे नंबर पर पहुंच गई है।

बांग्लादेश को रैंकिंग में यह फायदा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में मिली 9 विकेट की जीत से पहुंचा है। हालांकि, दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश को एक पारी और 51 रनों से हार का सामना करना पड़ा। यह पहली बार है जब बांग्लादेश टेस्ट रैंकिंग में 9वें स्थान से ऊपर पहुंचा है। टेस्ट कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने इसे बहुत बड़ी उपलब्धि बताया है।

ऑस्ट्रेलिया से दूसरा टेस्ट एक पारी और 51 रन से हारने के बाद शांतो ने कहा, "बेशक (छठे नंबर पर पहुंचना) अच्छी खबर है। मुझे अभी इसके बारे में पता चला है। टेस्ट रैंकिंग में छठे नंबर पर पहुंचना बहुत बड़ी उपलब्धि है। अगर हम इस टेस्ट मैच में बेहतर क्रिकेट खेल पाते तो और भी अच्छा होता।"

बांग्लादेश, वेस्टइंडीज, पाकिस्तान और श्रीलंका को पीछे छोड़कर छठे नंबर पर पहुंच गया है। शांतो ने अपील करते हुए कहा कि बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया में और अधिक टेस्ट मैच खेलने को मिलने चाहिए। उन्होंने कहा, "हम 23 साल बाद यहां आए हैं (2003 के बाद ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज)। ऐसी टीम के खिलाफ और ऐसे हालात में मुकाबला करना आसान नहीं है। अगर हम लगातार यहां आ पाते हैं, तो खिलाड़ियों को यहां खेलने का अंदाजा हो जाएगा। उन्हें ऑस्ट्रेलिया में खेलने का और अनुभव मिलेगा। वे ऐसे हालात के हिसाब से खुद को ढाल सकेंगे और अच्छा क्रिकेट खेल सकेंगे।"

सिर्फ टेस्ट ही नहीं, बांग्लादेश को बाकी दो फॉर्मेट के लिए भी ऑस्ट्रेलिया जाने का मौका बहुत कम मिलता है। बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया में आखिरी वनडे सीरीज साल 2008 में खेली थी, जबकि उन्होंने अभी तक कंगारू सरजमीं पर कोई भी टी20 सीरीज नहीं खेली है। शांतो ने कहा कि अगर वे ऑस्ट्रेलिया में नहीं खेलते हैं, तो वहां के हालात बिल्कुल अलग और अनजान लगते हैं।

उन्होंने कहा, "खिलाड़ियों के लिए यह मुश्किल है। शायद 90 प्रतिशत खिलाड़ियों ने यहां नहीं खेला है। उन्हें नहीं पता कि कैसे एडजस्ट करना है, ऐसे हालात और ऐसी गेंदबाजी का सामना कैसे करना है। मेरी गुजारिश है कि हम यहां खेलना चाहते हैं। हम लगातार ऐसी ही परिस्थितियों में खेलना चाहते हैं, न कि 23 या 25 साल बाद।"

बांग्लादेश ने डार्विन में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलियाई धरती पर अपना पहला टेस्ट मैच जीता था। एशियाई टीम ने दूसरी पारी में 57 रन का छोटा सा लक्ष्य हासिल करके 9 विकेट से जीत दर्ज की थी। उन्होंने खेल के तीनों ही विभागों में शानदार प्रदर्शन किया था। टीम की ओर से तेज गेंदबाज हसन महमूद ने 9 विकेट अपने नाम किए थे, जबकि तंजीद हसन तमीम ने शतकीय पारी खेली।

हालांकि, टीम अपने इस प्रदर्शन को दूसरे टेस्ट में बरकरार नहीं रख सकी। दूसरे टेस्ट में बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक पारी और 51 रनों से हार का सामना करना पड़ा। टीम के बल्लेबाजों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। पहली पारी में पूरी टीम सिर्फ 64 रन बनाकर ऑलआउट हुई, जबकि दूसरी इनिंग में टीम सिर्फ 95 रन बनाकर सिमट गई।

--आईएएनएस

एसएम/एएस

Share this story