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डोला पूर्णिमा के रंग में रंगे विदेशी पर्यटक, कल खेलेंगे होली

पुरी, 3 मार्च (आईएएनएस)। पुरी के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में डोला पूर्णिमा या होली का त्योहार बड़े उत्साह से मनाया जा रहा है। इस पवित्र अवसर पर नीदरलैंड्स से आए दो पर्यटक जगन्नाथ मंदिर के बाहर खास तौर पर उत्सव को देखने के लिए पहुंचे। उन्होंने आईएएनएस के साथ खास बातचीत में अपनी खुशी जाहिर करते हुए भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी रुचि व्यक्त की।
डोला पूर्णिमा के रंग में रंगे विदेशी पर्यटक, कल खेलेंगे होली

पुरी, 3 मार्च (आईएएनएस)। पुरी के प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में डोला पूर्णिमा या होली का त्योहार बड़े उत्साह से मनाया जा रहा है। इस पवित्र अवसर पर नीदरलैंड्स से आए दो पर्यटक जगन्नाथ मंदिर के बाहर खास तौर पर उत्सव को देखने के लिए पहुंचे। उन्होंने आईएएनएस के साथ खास बातचीत में अपनी खुशी जाहिर करते हुए भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी रुचि व्यक्त की।

पर्यटक एनीमेरी ने बताया, "मैं यहां पर नीदरलैंड्स से आई हूं। यहां पर इसलिए आए क्योंकि हम समय लंबे से पुरी घूमना चाहते थे, तो हमारा एक दोस्त हमें यहां पर सुबह सुबह लेकर आया। मुझे लगता है कि नीदरलैंड्स के व्यक्ति के लिए यह जीवन में एक बार मिलने वाला अनुभव है। जब भगवान की पालकी को घूमाया जाएगा, तो हम उन्हें देखेंगे और बुधवार के दिन होली का पर्व मनाएंगे, जिसका मैं बेसब्री से इंतजार कर रही हूं।"

उन्होंने आगे कहा कि वे कल होली का पर्व मनाएंगी। उन्होंने कहा, "हां, हम कल होली मनाएंगे, बाहर जाकर देखेंगे। आज डोला उत्सव को लेकर हम बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। मैं महोत्सव देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं।"

वहीं, पर्यटक जीनेट ने भी उत्सव को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, "मैं नीदरलैंड्स से आई हूं। हम आज खास तौर पर सभी लोगों के साथ मिलकर यह जश्न मनाने जा रहे हैं कि भगवान की पालकी बाहर आएगी। हमें भारतीय कल्चर में बहुत दिलचस्पी है। हमारे अच्छे दोस्त ने हमें यहां लाकर जगन्नाथ भगवान के बारे में सब कुछ बताया, जिसे जानने के बाद हमें लग रहा है कि मुझे लग रहा है कि हम बहुत खुशकिस्मत है कि हम यह सब देख पा रहे हैं। मुझे पता है कि बुधवार को होली का महापर्व है। और हम इसे देखने के लिए उत्सुक हैं। हम अपने साथ स्पेशल कपड़े लेकर आए हैं। क्योंकि शायद मेरे कपड़े रंगों से रंग जाएंगे, लेकिन मुझे ये पता है कि होली पर हमारा पूरा दिन अच्छे से बितेगा।"

बता दें कि पुरी में चलने वाला यह पांच दिवसीय उत्सव की शुरुआत फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी से लेकर पूर्णिमा तक रहता है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ को 'डोला गोविंदा' के रूप में पूजा जाता है। भगवान श्री देवी के साथ पालकी में डोलाबेदी (झूला मंच) पर विराजमान होते हैं। भक्त उन्हें अबीर (रंग) लगाकर झूला झुलाते हैं और खुशी से जश्न मनाते हैं।

--आईएएनएस

एनएस/एएस

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