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'दोबारा तैयारी चुनौतीपूर्ण, मगर हम तैयार', नीट री-एग्जाम से पहले बोलीं जम्मू-कश्मीर की छात्राएं

जम्मू, 20 जून (आईएएनएस)। नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा से पहले जम्मू-कश्मीर की छात्राओं ने पिछले एक महीने के अपने अनुभव शेयर किए हैं। उन्होंने दोबारा परीक्षा को लेकर तनाव की बात की। इसके साथ ही, छात्राओं ने कहा कि वे फिर से परीक्षा के लिए अपनी तैयारी कर चुकी हैं।
'दोबारा तैयारी चुनौतीपूर्ण, मगर हम तैयार', नीट री-एग्जाम से पहले बोलीं जम्मू-कश्मीर की छात्राएं

जम्मू, 20 जून (आईएएनएस)। नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा से पहले जम्मू-कश्मीर की छात्राओं ने पिछले एक महीने के अपने अनुभव शेयर किए हैं। उन्होंने दोबारा परीक्षा को लेकर तनाव की बात की। इसके साथ ही, छात्राओं ने कहा कि वे फिर से परीक्षा के लिए अपनी तैयारी कर चुकी हैं।

नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "पहले, जब 3 मई को परीक्षा होनी थी, तो हम सभी बहुत डरे हुए थे क्योंकि यह जिंदगी में एक बार होने वाली परीक्षा है, जिसमें हम भी बाकी लोगों की तरह ही शामिल होते हैं। लेकिन परीक्षा देने के बाद मैंने अपने पेपर का विश्लेषण किया और अंदाजा लगाया कि मेरे कितने अंक आ सकते हैं। कुछ ही दिनों बाद यह खबर आई कि परीक्षा रद्द कर दी गई है। पहले हमें लगा कि यह कोई मजाक था, लेकिन बाद में सब कुछ स्पष्ट हुआ कि हमें दोबारा पढ़ाई करनी होगी। इसके बाद मैंने वापस से अपनी पढ़ाई की।"

छात्रा ने कहा, "जब दोबारा परीक्षा की तैयारी शुरू की तो हमें ऐसा लगा कि परीक्षा बहुत कठिन होगी। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि यह परीक्षा पूरे देश में ही दोबारा होगी। हमने 3 जून को परीक्षा देने के बाद कुछ नया तो नहीं पढ़ा था, लेकिन दोबारा परीक्षा की घोषणा के बाद हमने फिर से तैयारी की।

पुंछ जिले के मेंढर की रहने वाली छात्रा मरियम ने कहा, "मैंने 12वीं कक्षा के बाद नीट परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी थीं। मेरा यह लक्ष्य था कि मैं 12वीं के साथ नीट की परीक्षा भी दूं। मेरा पेपर काफी अच्छा निकला था। जब हमने सुना कि दोबारा परीक्षा होगी तो इससे बहुत सारे बच्चे तनाव में आए। बच्चे अपने स्वास्थ्य के कारण भी तनाव में गए, जिससे साफ है कि वे दोबारा परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है। हालांकि, मुझे उम्मीद है कि परीक्षा अच्छी जाएगी।"

मरियम ने अपनी तैयारियों को लेकर कहा, "दोबारा परीक्षा के लिए तैयार होना आसान नहीं है। जो छात्र पहले परीक्षा के बाद अपना आकलन कर चुके थे, उनके लिए चीजें और मुश्किल हो जाती हैं। दोबारा परीक्षा से वे तनाव में चले जाते हैं और खासकर स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं।"

राजौरी की रहने वाली छात्रा नुरुल हुदा ने कहा, "मुझे अभी यह परीक्षा नहीं देनी है। मेरे साथ बहुत-सी ऐसी लड़कियां हैं, जिन्होंने यह परीक्षा दी थी। वो दोबारा परीक्षा देने की भी तैयारी कर चुकी हैं। मैंने आसपास देखा है कि पेपर लीक और फिर दोबारा परीक्षा को लेकर सभी लड़कियां बहुत ज्यादा तनाव में आ गई थीं। मुझे लगता है कि परीक्षाओं को लेकर सिस्टम बहुत सख्त होना चाहिए।"

उन्होंने कहा कि आज शिक्षा के क्षेत्र में भी बहुत ज्यादा भ्रष्टाचार है। इससे कोई भी यह अनुमान नहीं लगता सकता है कि भविष्य में हमारी परीक्षाओं के साथ भी क्या होगा। छात्रा ने कहा, "मैं अगले साल पेपर दूंगी, लेकिन अभी आसपास की छात्राओं को देखकर मुझे भी तनाव महसूस होता है। हमें भी परीक्षा देनी है, इसलिए हम भी सोचते हैं कि कहीं पेपर लीक न हो जाए और एक साल खराब न जाए।"

छात्रा नुरुल हुदा ने कहा कि मैं दो साल से नीट की तैयारी कर रही हूं और तीसरे साल में जाकर परीक्षा दूंगी। इतनी मेहनत के बाद भी अगर पेपर लीक होता है तो निश्चित रूप से तनाव होता है।

--आईएएनएस

डीसीएच/

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