Samachar Nama
×

दिवाली पर राघव चड्ढा की अपील, स्थानीय उत्पाद खरीदें और कारीगरों का समर्थन करें

दिवाली पर राघव चड्ढा की अपील, स्थानीय उत्पाद खरीदें और कारीगरों का समर्थन करें
दिवाली पर राघव चड्ढा की अपील, स्थानीय उत्पाद खरीदें और कारीगरों का समर्थन करें

नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। भाजपा सांसद राघव चड्ढा ने दिवाली पर स्थानीय बाजारों और पारंपरिक कारीगरों का समर्थन करने की अपील की है। उन्होंने दिवाली की खरीदारी के दौरान जिस कुम्हार परिवार से मुलाकात की, उनकी मेहनत और शिल्प कौशल को उजागर किया।

भाजपा सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो भी शेयर किया। वीडियो में राघव चड्ढा एक कुम्हार फैमिली के साथ मिट्टी के दीए बनाने नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही वो कारीगरों से दीए बनाने की मिट्टी, कला और आमदनी के बारे में भी बात कर कर रहे हैं।

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में चड्ढा ने लिखा: "आपकी छोटी सी खरीदारी, किसी की पूरी दिवाली।" एक स्थानीय बाजार में घूमने के दौरान चड्ढा को एक युवक ने अपने घर आमंत्रित किया, जहां उन्होंने पूरे परिवार को मिट्टी के बर्तन, पारंपरिक दीये और सजावटी सामान बनाते हुए पाया। कारीगरों से बातचीत करने पर उन्होंने दीये बनाने की कला को देखा, जो पीढ़ियों से चली आ रही है और इसके निर्माण में लगने वाली श्रमसाध्य प्रक्रिया के बारे में जाना।

भाजपा सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि हस्तनिर्मित उत्पाद केवल कच्चा माल नहीं हैं बल्कि इससे कहीं अधिक हैं। चड्ढा ने प्रत्येक वस्तु को बनाने में लगने वाले समर्पण और मेहनत को सराहा। उन्होंने कारीगरों को आश्वासन दिया कि वे उनकी चिंताओं को उठाएंगे और बेहतर कीमतों, अधिक मुनाफे और उनकी मेहनत के लिए उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित करने के प्रयास करेंगे।

कारीगरों से बात करते हुए चड्ढा ने कहा: “मैं आपकी आवाज बुलंद करूंगा और आपके काम को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करूंगा ताकि आपको अपने हाथों से की गई मेहनत का बेहतर मुआवजा मिल सके।”

चड्ढा ने नागरिकों से इस त्योहारी मौसम में स्थानीय उत्पादों की खरीदारी को प्राथमिकता देने की अपील भी की। उन्होंने बताया कि कैसे कुछ दीये या सजावटी बत्तियां उपभोक्ता के लिए छोटी-मोटी खरीदारी लग सकती हैं लेकिन एक छोटे दुकानदार या कारीगर की आजीविका और खुशी में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।

लोगों से इस दिवाली को और अधिक समावेशी बनाने का आग्रह करते हुए चड्ढा ने कहा: “इस दिवाली, अपने स्थानीय बाजारों से थोड़ी ज्यादा खरीदारी करें। हर छोटी दुकान के पीछे एक परिवार है जो बेहतर त्योहारी मौसम की उम्मीद कर रहा है। जो खरीदारी हमारे लिए छोटी-मोटी हो सकती है, वह पूरे परिवार में खुशियां ला सकती है। इस दिवाली स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करें क्योंकि उत्सव तभी पूर्ण होता है जब हर घर में खुशियां पहुंचें।”

उन्होंने नागरिकों को स्थानीय कारीगरों, छोटे व्यवसायों और पारंपरिक शिल्पकला का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि दिवाली की खुशी और समृद्धि हर घर तक पहुंचे।

--आईएएनएस

एमएस/पीएम

Share this story

Tags