Diwali Guidelines: कर्नाटक में दिवाली पर सिर्फ 2 घंटे फोड़ सकेंगे पटाखे, ग्रीन क्रैकर्स अनिवार्य; नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
8, 9 और 10 नवंबर को रात 8 से 10 बजे तक ही आतिशबाजी की अनुमति। सरकार ने प्रदूषण रोकने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जारी किए सख्त निर्देश, स्कूलों और अस्पतालों के आसपास पटाखे जलाने पर भी रोक।दिवाली पर पटाखे जलाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए कर्नाटक सरकार ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्य में 8, 9 और 10 नवंबर को हर दिन रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे जलाने की अनुमति होगी। इसके अलावा, लोग केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल कर सकेंगे। निर्धारित समय के बाहर आतिशबाजी करने पर प्रतिबंध रहेगा।
सरकार ने यह फैसला वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ त्योहार के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया है। राज्य के मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
रात 8 से 10 बजे तक ही जला सकेंगे पटाखे
कर्नाटक सरकार के निर्देशों के मुताबिक, दिवाली के दौरान लगातार तीन दिन यानी 8, 9 और 10 नवंबर को केवल दो घंटे आतिशबाजी की जा सकेगी। इसके लिए रात 8 बजे से 10 बजे तक का समय तय किया गया है।
सरकार ने जिला प्रशासन और संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप नियमों का पालन सुनिश्चित करें। मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दिशा-निर्देश साझा करते हुए लोगों से सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने की अपील की।
ग्रीन पटाखे ही होंगे मान्य, QR कोड से होगी पहचान
दिवाली पर पटाखे खरीदने और जलाने को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं। लोगों को केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करना होगा। इन पटाखों की पैकेजिंग पर निर्धारित पहचान चिह्न और QR कोड होना जरूरी है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पटाखों की जांच करें और नियमों का उल्लंघन करने वाले उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई करें। प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर भी निगरानी रखी जाएगी।
ग्रीन पटाखों को पारंपरिक पटाखों की तुलना में प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से विकसित किया जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि उनसे प्रदूषण बिल्कुल नहीं होता। इसलिए इन्हें भी तय समय और सुरक्षा नियमों के तहत ही इस्तेमाल करना चाहिए।
स्कूलों और अस्पतालों के आसपास आतिशबाजी पर रोक
सरकार ने स्कूलों और अस्पतालों के आसपास पटाखे जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगाने की बात कही है। लोगों से अपील की गई है कि वे बच्चों, बुजुर्गों और आवारा पशुओं को होने वाली परेशानी का ध्यान रखें।
पटाखे जलाते समय सुरक्षा उपायों का पालन करना और दूसरों की सुविधा का ख्याल रखना भी जरूरी होगा। तेज आवाज और धुएं से संवेदनशील लोगों को परेशानी हो सकती है, इसलिए प्रशासन ने पर्यावरण के अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने पर जोर दिया है।
पटाखों की दुकानों और गोदामों पर होगी निगरानी
कर्नाटक सरकार ने जिला प्रशासन, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण विभाग सहित संबंधित एजेंसियों को मिलकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पटाखों की दुकानों और भंडारण स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा।
बिना जरूरी अनुमति पटाखे बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रतिबंधित पटाखों के परिवहन और भंडारण पर भी नजर रखी जाएगी। सरकार ने राज्य की सीमाओं पर जांच बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रतिबंधित पटाखों की अवैध आवाजाही को रोका जा सके।
रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और मॉल में चलेंगे जागरूकता अभियान
दिवाली से पहले लोगों को नए नियमों की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। जिला प्रशासन पोस्टर, पर्चे और ऑडियो-विजुअल संदेशों के जरिए लोगों को जागरूक करेगा।
रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन, बस अड्डों और शॉपिंग मॉल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी दिशा-निर्देशों का प्रचार किया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय टेलीविजन और रेडियो चैनलों की मदद से लोगों तक जानकारी पहुंचाई जाएगी।
लोगों से नियमों का पालन करने की अपील
कर्नाटक सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे पटाखे खरीदते समय उनके प्रमाणित होने की जांच करें और केवल निर्धारित समय के भीतर ही आतिशबाजी करें। प्रतिबंधित स्थानों पर पटाखे जलाने से बचने और बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा का ध्यान रखने को भी कहा गया है।
दिवाली के दौरान याद रखें: कर्नाटक में जारी निर्देशों के अनुसार, 8 से 10 नवंबर तक रात 8 से 10 बजे के बीच ही पटाखे जलाने की अनुमति होगी और केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

