Diwali-Chhath Special Trains: दिवाली और छठ पर घर जाना हुआ मुश्किल! दिल्ली से बिहार-झारखंड की ट्रेनों में लंबी वेटिंग, बसों का किराया 6500 रुपये के पार
दिवाली और छठ पूजा पर अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए घर जाने की तैयारी कर रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खासकर दिल्ली-NCR में रहने वाले बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए इस बार घर पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। दिल्ली से पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सहरसा और रांची जैसे शहरों के लिए चलने वाली प्रमुख ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट है, जबकि कुछ तारीखों पर टिकटों की बुकिंग भी बंद हो चुकी है।
ट्रेन में सीट नहीं मिलने के कारण यात्रियों को निजी बसों और फ्लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है। लेकिन त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग का असर इन सेवाओं के किराये पर भी दिखाई दे रहा है। कई रूटों पर निजी एसी बसों का किराया सामान्य दिनों के मुकाबले दो से तीन गुना तक महंगा हो गया है। ऐसे में घर जाने वाले लोगों के सामने सफर का खर्च बढ़ने की चिंता भी खड़ी हो गई है।
दिल्ली से बिहार जाने वाली ट्रेनों में कन्फर्म टिकट का संकट
त्योहारी सीजन में दिल्ली से बिहार जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिल रही है। पटना, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सहरसा, भागलपुर और जयनगर जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने से टिकटों की मांग काफी ज्यादा हो गई है।
संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, विक्रमशिला एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, वैशाली एक्सप्रेस और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों में दिवाली और छठ के आसपास की तारीखों के लिए सीटें मिलना मुश्किल बताया जा रहा है।
सबसे ज्यादा परेशानी स्लीपर और थर्ड एसी श्रेणी में हो रही है। कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है, जबकि कुछ में नो-रूम की स्थिति बन गई है।
विक्रमशिला एक्सप्रेस की स्थिति भी यात्रियों के लिए चिंता का विषय है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली से चलने वाली इस ट्रेन में 6 से 9 नवंबर तक थर्ड एसी में नो-रूम की स्थिति है। स्लीपर श्रेणी में 6 नवंबर को वेटिंग है, जबकि 7 और 8 नवंबर के लिए बुकिंग बंद बताई गई है। इसके अलावा महानंदा और हमसफर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में भी टिकट उपलब्ध नहीं होने की जानकारी है। संपूर्ण क्रांति और तेजस एक्सप्रेस की एसी श्रेणियों में भी सीटों की भारी कमी है।
झारखंड जाने वाले यात्रियों की भी बढ़ी परेशानी
बिहार के साथ-साथ झारखंड जाने वाले यात्रियों को भी टिकटों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली से रांची और हटिया जाने वाली ट्रेनों में कन्फर्म सीटों की मांग बढ़ गई है।
नई दिल्ली-रांची गरीब रथ, आनंद विहार-हटिया एक्सप्रेस और झारखंड संपर्क क्रांति जैसी ट्रेनों में कई तारीखों पर लंबी वेटिंग बताई जा रही है। वहीं, मुंबई से हटिया जाने वाली लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस में भी त्योहार के आसपास कई श्रेणियों में टिकट मिलना मुश्किल हो गया है।
ऐसे में जिन यात्रियों ने अभी तक टिकट बुक नहीं कराया है, उनके लिए यात्रा की योजना बनाना और भी कठिन हो सकता है।
सरकारी बसों से मिल सकती है राहत, 300 से 800 रुपये तक किराया
ट्रेनों में सीट नहीं मिलने और निजी बसों के महंगे किराये के बीच सरकारी बसें यात्रियों के लिए किफायती विकल्प बन सकती हैं। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC), हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों से यात्रा करना निजी बसों के मुकाबले सस्ता पड़ सकता है।
दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे से उत्तर प्रदेश के कई शहरों के लिए UPSRTC की बसें संचालित होती हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन बसों का किराया दूरी के हिसाब से करीब 300 से 800 रुपये तक हो सकता है। त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बसों के अतिरिक्त फेरे लगाने की भी योजना है।
पटना से दिल्ली के बीच बसों की अलग-अलग श्रेणियों का बताया गया किराया इस प्रकार है:
| बस की श्रेणी | किराया |
|---|---|
| नॉन-एसी सीटर | ₹1,182 |
| नॉन-एसी स्लीपर | ₹1,483 |
| एसी सीटर | ₹1,318 |
| एसी स्लीपर | ₹1,935 |
हालांकि, यात्रा से पहले संबंधित बस सेवा की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर किराये और उपलब्धता की पुष्टि करना जरूरी है।
निजी एसी बसों में 6,500 रुपये तक पहुंचा किराया
ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिलने के बाद बड़ी संख्या में यात्री निजी बसों की तरफ रुख कर रहे हैं। इसका असर बसों के किराये पर साफ दिखाई दे रहा है। ऐप आधारित बस सेवाओं में मांग के हिसाब से टिकट की कीमत बदलती रहती है। इसे डायनेमिक प्राइसिंग कहा जाता है।
दिवाली और छठ के आसपास दिल्ली से पटना, गोरखपुर, भागलपुर, लखनऊ और आगरा जैसे शहरों के लिए एसी स्लीपर बसों का किराया काफी बढ़ गया है।
उपलब्ध किराया आंकड़ों के अनुसार, 6 नवंबर और 27 नवंबर के बाद के किराये में बड़ा अंतर देखा जा रहा है।
एसी स्लीपर बसों का किराया: 6 नवंबर बनाम 27 नवंबर के बाद
| रूट | 6 नवंबर का किराया | 27 नवंबर के बाद |
|---|---|---|
| दिल्ली-गोरखपुर | ₹5,399–₹6,409 | ₹3,379–₹3,599 |
| दिल्ली-लखनऊ | ₹3,530–₹4,296 | करीब ₹2,990 |
| दिल्ली-आगरा | ₹3,793–₹4,478 | ₹2,219–₹2,895 |
| दिल्ली-पटना | ₹6,199–₹6,599 | ₹1,599–₹1,999 |
| दिल्ली-भागलपुर | ₹5,709–₹5,999 | ₹4,099–₹4,480 |
इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि त्योहार के समय यात्रियों को कितना अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, दिल्ली से पटना जाने वाली एसी स्लीपर बस का किराया 6 नवंबर को 6,599 रुपये तक बताया गया है, जबकि 27 नवंबर के बाद इसी रूट पर किराया 1,599 से 1,999 रुपये के बीच हो सकता है।
ध्यान रहे कि निजी बसों का किराया ऑपरेटर, सीट, समय और बुकिंग की मांग के अनुसार बदल सकता है।
रेलवे ने स्पेशल ट्रेनों से राहत देने की तैयारी की
त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे की ओर से विशेष ट्रेनों का विकल्प भी दिया जा रहा है। उत्तर रेलवे के मुताबिक, यात्रियों की सुविधा के लिए कई स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिनमें उपलब्ध सीटों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की जा रही है।
उत्तर रेलवे के मुख्य प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय के अनुसार, आने वाले दिनों में यात्रियों की जरूरत को देखते हुए अतिरिक्त विशेष ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। मांग बढ़ने पर ऑन-डिमांड स्पेशल ट्रेनें संचालित करने का विकल्प भी रखा गया है।
घर जाने से पहले यात्री जरूर करें ये काम
दिवाली और छठ के दौरान सफर करने वाले यात्रियों को आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय पहले से यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
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IRCTC पर अलग-अलग तारीखों में ट्रेनों की सीट उपलब्धता जांचें।
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स्पेशल ट्रेनों की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया पर देखें।
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बस बुक करने से पहले अलग-अलग ऑपरेटरों का किराया जरूर तुलना करें।
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टिकट बुकिंग के दौरान कैंसिलेशन और रिफंड की शर्तें पढ़ें।
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बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी एजेंट को पैसे न दें।

