दिशा सालियान केस में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, निर्दोष को नहीं फंसाएंगे: गिरीश महाजन
नाशिक, 19 सितंबर (आईएएनएस)। दिशा सालियान की मौत के मामले को लेकर मंत्री गिरीश महाजन ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यक्ति को जानबूझकर इस मामले में फंसाने का सरकार का कोई उद्देश्य नहीं है, लेकिन जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गिरीश महाजन ने कहा कि दिशा सालियन के पिता सतीश सालियान ने भी इस मामले में अपनी ओर से कई तथ्य और जानकारी सामने रखी है। उन्होंने सीबीआई के समक्ष अपना पक्ष और संबंधित जानकारी दी है। इन सभी बातों की जांच एजेंसी द्वारा की जानी चाहिए। इस पूरे मामले में आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जांच की प्रक्रिया को अपना काम करने देना जरूरी है। उपलब्ध दस्तावेज, पूर्व की जांच, फॉरेंसिक सामग्री, संबंधित व्यक्तियों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वर्तमान में सीबीआई ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
महाजन ने स्पष्ट किया कि किसी निर्दोष व्यक्ति को जानबूझकर परेशान या फंसाया नहीं जाना चाहिए और यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। जांच की पूरी प्रक्रिया सीबीआई के माध्यम से हो रही है और जांच एजेंसी को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से अपना काम करने देना चाहिए। बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने इस मामले में जांच शुरू की है।
मंत्री महाजन ने आगे कहा कि इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आना चाहिए। सरकार की भूमिका निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करने तक सीमित रहनी चाहिए।
इससे पहले, दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान शनिवार को शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे को 500 करोड़ रुपए का मानहानि नोटिस देने उनके आवास 'मातोश्री' पहुंचे। हालांकि, सतीश सालियान और उनके वकील को मातोश्री के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया गया, जिसके बाद नोटिस मुख्य गेट पर ही दिया गया।
सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि उन्हें पहले धमकी दी गई थी कि उन्हें वकालत नहीं करने दी जाएगी। इसी का जवाब देने के लिए वे मातोश्री पहुंचे और कानूनी नोटिस वहीं जाकर सौंपा।
--आईएएनएस
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