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जोड़ीदार विवाह से जन्मी पहली संतान पर चर्चा, हिमाचल के सिरमौर में अनोखी परंपरा फिर सुर्खियों में

जोड़ीदार विवाह से जन्मी पहली संतान पर चर्चा, हिमाचल के सिरमौर में अनोखी परंपरा फिर सुर्खियों में

हिमाचल प्रदेश के Sirmaur जिले के शिलाई क्षेत्र से जुड़ी एक अनोखी परंपरा एक बार फिर चर्चा में है। जुलाई 2025 में हुए “जोड़ीदार विवाह” (एक पत्नी, दो पति) के मामले में अब पहली संतान के जन्म की खबर सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है।जानकारी के अनुसार, शिलाई क्षेत्र के प्रदीप और कपिल नेगी ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत सुनीता से जोड़ीदार विवाह किया था। स्थानीय समुदाय में इसे एक पुरानी परंपरा से जोड़कर देखा जाता है, जो कुछ विशेष सामाजिक परिस्थितियों और स्थानीय रीति-रिवाजों के आधार पर निभाई जाती है।

अब इस विवाह से जुड़ी पहली संतान के जन्म की खबर सामने आने के बाद इंटरनेट पर इस अनोखी पारिवारिक व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस और चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग इस घटना को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं—कुछ इसे सांस्कृतिक विविधता का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे आधुनिक समय में दुर्लभ सामाजिक प्रथा के रूप में देख रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह परंपरा लंबे समय से सीमित क्षेत्रों में देखने को मिलती रही है, जहां पारिवारिक भूमि, आजीविका और सामाजिक संरचना जैसे कारणों के चलते इस प्रकार की व्यवस्थाएं बनी रहती हैं। हालांकि, ऐसे मामलों पर हमेशा से ही व्यापक सामाजिक बहस होती रही है।वहीं, परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि उनका उद्देश्य परंपरा और सामूहिक जीवन व्यवस्था को निभाना है, और अब नन्हे मेहमान के आगमन से परिवार में खुशी का माहौल है।

यह मामला एक बार फिर इसलिए सुर्खियों में आ गया है क्योंकि सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स इसे हिमाचल की सांस्कृतिक विविधता का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे आधुनिक सामाजिक ढांचे से अलग एक दुर्लभ परंपरा के रूप में देख रहे हैं।फिलहाल यह घटना लगातार चर्चा में बनी हुई है और स्थानीय स्तर पर भी लोग इस परंपरा और उससे जुड़े सामाजिक पहलुओं को लेकर बात कर रहे हैं।

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