'दिल्लीवाले मर रहे, सीएम नाव में घूम रहीं' : रेखा गुप्ता पर आम आदमी पार्टी का हमला
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली में इमारतों के गिरने और अवैध निर्माण को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। हर्ष विहार में इमारत का लेंटर और छज्जा गिरने से दो लोगों की मौत के मामले के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की नाव की सवारी करते हुए तस्वीरें सामने आने पर आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि राजधानी में इमारतें गिरने से लोगों की जान जा रही है, लेकिन मुख्यमंत्री के पास पीड़ित परिवारों से मिलने के बजाय नाव की सवारी करने का समय है।
सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की नाव की सवारी करते हुए कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा कीं। उन्होंने कहा कि रविवार को दिल्ली में एक और इमारत ढह गई, जिसमें लोगों की जान चली गई, लेकिन मुख्यमंत्री मृतकों और घायलों के परिजनों से मिलने नहीं पहुंचीं। इसके बजाय सोमवार को वह नाव की सवारी करती हुई नजर आईं। भारद्वाज ने मुख्यमंत्री की इस गतिविधि को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस नाव पर मुख्यमंत्री सवार थीं, उसे भाजपा की ओर से क्रूज बताया जा रहा है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा इसे सीधे टाइटेनिक ही क्यों नहीं बता देती। सौरभ भारद्वाज ने मुख्यमंत्री की नाव की सवारी को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए इसकी तुलना गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथित नकली क्लासरूम में फोटोशूट से की। उन्होंने कहा कि यह घटना उन्हें गुजरात में भाजपा के लंबे शासन के बाद प्रधानमंत्री के क्लासरूम में कराए गए फोटोशूट की याद दिलाती है।
आप नेता ने आरोप लगाया कि दिल्ली में आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय भाजपा सरकार प्रचार और तस्वीरों को प्राथमिकता दे रही है। भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास नाव की सवारी करने और तस्वीरें खिंचवाने का समय है, लेकिन हर्ष विहार में हुए इमारत हादसे के पीड़ितों का दुख साझा करने के लिए समय नहीं है। उनके मुताबिक, ऐसी घटनाएं सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती हैं।
आप प्रदेश अध्यक्ष ने दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में लगभग हर महीने कोई न कोई बड़ी त्रासदी सामने आती है। ऐसी घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री की ओर से इमारतों के ऑडिट के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन निरीक्षण और जांच के नाम पर कथित तौर पर रिश्वतखोरी बढ़ जाती है। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि नगर निगम दिल्ली (एमसीडी) और दिल्ली पुलिस के अलावा अब अग्निशमन विभाग तथा राजस्व विभाग से जुड़े स्तरों पर भी होटलों, रेस्तरां, जिम, नर्सिंग होम, कोचिंग सेंटरों और अन्य व्यावसायिक इमारतों से नियमित रूप से रिश्वत वसूली जा रही है।
उन्होंने कहा कि भाजपा और जनसंघ का पारंपरिक समर्थक माना जाने वाला व्यापारी वर्ग भी कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था में गिरावट को देख रहा है। आप नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बजाय निरीक्षण व्यवस्था का दुरुपयोग हो रहा है। इन आरोपों पर संबंधित विभागों या भाजपा सरकार का पक्ष सामने आने पर ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले में आम आदमी पार्टी के नेता और एमसीडी में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने भी भाजपा पर हमला बोला।
उन्होंने हर्ष विहार में लेंटर और छज्जा गिरने से दो लोगों की मौत को बेहद दुखद बताते हुए इसे अवैध निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ा गंभीर मामला बताया। नारंग ने सवाल उठाया कि दिल्ली में अवैध निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही की कीमत आखिर कब तक आम नागरिक अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे।
उन्होंने भाजपा सरकार और भाजपा शासित एमसीडी से पूछा कि हादसे में हुई दो मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा और अवैध निर्माण के खिलाफ समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि राजधानी में भवन निर्माण से जुड़े नियमों का पालन कराना और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। यदि किसी इमारत में नियमों की अनदेखी कर निर्माण किया गया था, तो इसकी जांच होनी चाहिए और यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई की थी या नहीं।
आम आदमी पार्टी ने हर्ष विहार हादसे की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और अवैध निर्माण को कथित तौर पर संरक्षण देने वालों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि केवल हादसों के बाद ऑडिट के आदेश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अवैध निर्माण की पहचान कर समय रहते कार्रवाई करना भी जरूरी है।
--आईएएनएस
पीकेटी/एमएस

