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दिल्लीः विदेशी नागरिकों के एम्फेटामाइन रैकेट का किया भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

दिल्लीः विदेशी नागरिकों के एम्फेटामाइन रैकेट का किया भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार
दिल्लीः विदेशी नागरिकों के एम्फेटामाइन रैकेट का किया भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। ड्रग तस्करी के खिलाफ चल रहे "नशा मुक्त भारत अभियान" के तहत पटेल नगर पुलिस स्टेशन की टीम ने विदेशी नागरिकों से जुड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इसके साथ ही एम्फेटामाइन (एक तरह का नशीला पदार्थ) बरामद किया है।

25 जून को गुप्त सूचना के आधार पर पता चला कि एक विदेशी नागरिक दिल्ली के पटेल नगर इलाके में नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहा था। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एसीपी सुनील कुमार की देखरेख में और पटेल नगर के थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन कुमार के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई।

टीम ने दिल्ली के शादीपुर फ्लाईओवर के पास एक रणनीतिक जाल बिछाया और 54 ग्राम एम्फेटामाइन के साथ एक आरोपी को पकड़ लिया। लगातार पूछताछ और आगे की कार्रवाई के दौरान निहाल विहार और निलोथी में कई छापे मारे गए, जिसके परिणामस्वरूप दो और साथियों को गिरफ्तार किया गया। कुल तीन आरोपियों को पकड़ा गया और उनके पास से कमर्शियल मात्रा में एम्फेटामाइन बरामद किया गया।

गिरफ्तार आरोपी प्रिंस निवासी (22 साल) निवासी केप टाउन, दक्षिण अफ्रीका का रहने वाला है। वह 2023 में मेडिकल/टूरिस्ट वीज़ा पर भारत आया था। उसका वीज़ा मार्च 2026 में खत्म हो गया था, जिसके बाद वह अवैध रूप से भारत में रह रहा था। इसी तरह एफोसा मिकेल एटोहन उर्फ ​​लियोन (24) मूल रूप से बेनिन सिटी, नाइजीरिया का रहने वाला है। वह 2019 में स्टडी वीज़ा पर भारत आया था, जो 2023 में खत्म हो गया था। वह भारत में अवैध रूप से रहते हुए पाया गया। इसी तरह जस्टिन चुकुवा (36) जन्म से ही भारत में रह रहा है। उसके पिता नाइजीरियाई नागरिक हैं, जबकि उसकी मां भारतीय नागरिक हैं।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे नाइजीरिया के रहने वाले हैं और उनका मुख्य काम भारत और नाइजीरिया के बीच कपड़ों का आयात-निर्यात करना है। आगे की पूछताछ में पता चला कि वे पैसे कमाने के लिए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में ग्राहकों को एम्फेटामाइन खरीदने और सप्लाई करने में भी शामिल थे। आरोपी इस गैर-कानूनी सामान को खरीदने, स्टोर करने और बांटने के लिए आपस में मिलकर काम कर रहे थे।

जांच-पड़ताल में यह भी पता चला कि इन विदेशी नागरिकों के वीजा की मियाद खत्म हो चुकी थी और वे गैर-कानूनी तरीके से भारत में रह रहे थे। यह मामला विदेश मंत्रालय के ध्यान में लाया गया है। वीज़ा खत्म होने की सही तारीखों की भी पुष्टि की जा रही है।

--आईएएनएस

ओपी/पीएम

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