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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता, एटीएम धोखाधड़ी गिरोह का सरगना गिरफ्तार

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल (आईएससी) ने संगठित एटीएम धोखाधड़ी गिरोह के सरगना को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के साथ दिल्ली भर में एटीएम कार्ड धोखाधड़ी के 50 से अधिक मामलों का खुलासा हुआ है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता, एटीएम धोखाधड़ी गिरोह का सरगना गिरफ्तार

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल (आईएससी) ने संगठित एटीएम धोखाधड़ी गिरोह के सरगना को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के साथ दिल्ली भर में एटीएम कार्ड धोखाधड़ी के 50 से अधिक मामलों का खुलासा हुआ है।

मुख्य आरोपी रवि कुमार भारती (36 वर्ष), बिहार के गया जिले का निवासी है। वह पश्चिमी विहार, दिल्ली में एटीएम धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का सरगना था। जांच के दौरान उसके नाम 50 से ज्यादा धोखाधड़ी और धोखाधड़ी के प्रयास की घटनाओं से जुड़ाव सामने आया है। अभी तक 9 पीड़ितों की पहचान हो चुकी है, जिनमें से 4 एफआईआर और 5 शिकायतें दर्ज की गई हैं। आरोपी पहले से ही 7 आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।

इस पूरे मामले की शुरुआत पश्चिमी विहार के एक निवासी अवतार सिंह की शिकायत से हुई। उन्होंने 27 सितंबर 2025 को पश्चिमी विहार मार्केट स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम पर 35,000 रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। उनके एटीएम कार्ड को भी चुरा लिया गया था। इस आधार पर पीएस पश्चिमी विहार ईस्ट में ई-एफआईआर संख्या 80091782/2025 धारा 303(2) बीएनएस के तहत दर्ज की गई।

जांच के दौरान दो अन्य आरोपियों रोशन कुमार और पिंटू कुमार (दोनों नेब सराय, दिल्ली निवासी) को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। दोनों ने पूछताछ में खुलासा किया कि पूरा रैकेट उनके सरगना रवि कुमार भारती के निर्देश पर चलाया जा रहा था।

यह गिरोह एटीएम इस्तेमाल करने वालों को फंसाने के लिए एक बेहद चालाक और सुनियोजित तरीका अपनाया करता था। आरोपी और उनके साथी पहले एटीएम कार्ड स्लॉट के अंदर फेविक्विक (गोंद) लगा देते थे, जिससे पीड़ित का कार्ड अंदर फंस जाता था। इसके बाद वे एटीएम कियोस्क पर नकली कस्टमर केयर नंबर चिपका देते थे। जब पीड़ित अपना कार्ड निकालने में असमर्थ हो जाता और मदद मांगता, तो गिरोह के सदस्य बैंक अधिकारी बनकर फोन पर उससे बात करते थे।

वे पीड़ित का भरोसा जीतकर उसे अपना एटीएम पिन बताने या दोबारा डालने के लिए मजबूर कर देते थे। जैसे ही पीड़ित पिन डालता, आरोपी फंसे हुए कार्ड को निकाल लेते और उससे पैसे निकालकर भाग जाते थे। यह तरीका मुख्य रूप से उन लोगों को निशाना बनाता था जो एटीएम का इस्तेमाल करते समय सतर्क नहीं रहते थे। यह गिरोह मुख्य रूप से बुजुर्ग लोगों और उन व्यक्तियों को निशाना बनाता था जिन्हें धोखाधड़ी का शक नहीं होता था।

इंस्पेक्टर शिवराज सिंह बिष्ट के नेतृत्व में टीम ने एसीपी रमेश चंद्र लांबा की निगरानी में काम किया। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय सूचना के आधार पर आरोपी की लोकेशन दिल्ली के छतरपुर इलाके के राजपुर खुर्द में ट्रेस की। 8 अप्रैल 2026 को टीम ने छापा मारकर रवि कुमार भारती को गिरफ्तार कर लिया। लगातार पूछताछ में आरोपी ने कई और मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। दिल्ली के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ कई एफआईआर पहले से दर्ज थीं।

अपराध में इस्तेमाल किए गए एक मोबाइल फोन को बरामद कर लिया गया है। क्राइम ब्रांच की इस सफल कार्रवाई से दिल्ली में एटीएम धोखाधड़ी के कई लंबित मामलों का खुलासा हुआ है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

एससीएच

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