दिल्ली के पीतमपुरा में रावण के साथ जलेगा 30 फुट का कॉकरोच का पुतला : भाजपा विधायक अशोक गोयल
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। विजयादशमी पर अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में हर साल रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले जलाए जाते हैं। लेकिन, इस बार दिल्ली की प्रसिद्ध श्री केशव रामलीला कमेटी, एनएसपी पीतमपुरा ने यहां रावण के साथ-साथ गंदगी के प्रतीक के रूप में 30 फुट ऊंचा कॉकरोच का पुतला जलाने का फैसला लिया है। मॉडल टाउन से विधायक अशोक गोयल देवराहा ने इसकी घोषणा की है।
विधायक अशोक गोयल देवराहा ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि श्री केशव रामलीला कमेटी की यह पुरानी परंपरा रही है कि वह हर साल तीन मुख्य पुतलों के साथ एक चौथा पुतला भी जलाती है, जो समाज में फैली किसी बड़ी बुराई का प्रतीक होता है। इससे पहले कमेटी द्वारा आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रतीक के रूप में पुतले जलाए जा चुके हैं। इस बार कमेटी ने निर्णय लिया है कि वह गंदगी के प्रतीक के रूप में कॉकरोच का पुतला जलाएगी।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय सभी सदस्यों ने मिलकर लिया है ताकि एक सकारात्मक संदेश दिया जा सके।
उन्होंने कहा, "हमारे घर के अंदर की गंदगी हो, घर के बाहर की हो या समाज में फैली हुई गंदगी, हम सबको मिलकर उसे भगाना होगा। स्वच्छ दिल्ली अभियान सिर्फ सरकार के भरोसे पूरा नहीं हो सकता, इसके लिए जन-भागीदारी बहुत जरूरी है। मुझे लगता है कि इस पहल से एक सकारात्मक संदेश जाएगा और गंदगी को हटाने के लिए लोगों की भागीदारी बढ़ेगी।"
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कॉकरोच को सिर्फ गंदगी के प्रतीक के तौर पर चुना गया है। उन्होंने कहा, "हमने तो गंदगी के प्रतीक के रूप में कॉकरोच को चुना है। लेकिन, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो उसी के अनुरूप काम कर रहे हैं, जो अराजक हैं और नक्सल सोच के साथ काम कर रहे हैं। वे देश के संविधान और कानून को नहीं मानते। देश में हर तरह का विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद वे समाज और देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। उनकी एक अलग तरह की सोच है। लेकिन, हम जो पुतला जला रहे हैं, वह सिर्फ और सिर्फ गंदगी के प्रतीक के रूप में जला रहे हैं।"
--आईएएनएस
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