दिलीप घोष का ममता पर तंज, बोले- संकट में कोर्ट जाती हैं लेकिन फैसले नहीं मानतीं
कोलकाता, 17 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी द्वारा हाई कोर्ट में याचिका दायर करने को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब वे संकट में आती हैं, तो कोर्ट का रुख करती हैं, लेकिन अदालत के फैसलों को स्वीकार नहीं करतीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह ममता बनर्जी की पुरानी आदत है। उन्होंने कहा कि जो लोग चुनाव में 15,000 से अधिक वोटों से हार चुके हैं, वे भी पुनर्मतगणना और मतदान की मांग कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि वे चुनाव हार चुके हैं।
घोष ने आगे कहा कि इस तरह की स्थिति में विपक्ष को समझना चाहिए कि चुनाव परिणाम स्पष्ट हो चुके हैं और अब इस प्रकार की अपीलों से कुछ बदलने वाला नहीं है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष अब भी यह मानने को तैयार नहीं है कि चुनाव समाप्त हो चुका है और वे हार चुके हैं।
इसके बाद उन्होंने टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के ईडी और सीआईडी के समक्ष पेश होने के मुद्दे पर भी टिप्पणी की। दिलीप घोष ने कहा कि उनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। अब और भी शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले लोग डर के कारण सामने नहीं आते थे, लेकिन अब समय आ गया है कि इन मामलों का समाधान होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है, तो उसे जवाबदेही के साथ आगे आना चाहिए।
दिलीप घोष ने यह भी आरोप लगाया कि जिन नेताओं के खिलाफ बार-बार शिकायतें आती हैं, उनके खिलाफ अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि चाहे वह पार्टी के भीतर के नेता हों या अन्य, जब लगातार शिकायतें आती हैं तो जांच आवश्यक हो जाती है।
वहीं एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा ममता बनर्जी को लेकर दिए गए बयान पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। ओवैसी ने आरोप लगाया था कि मुस्लिम समुदाय के साथ धोखा होने के कारण ममता बनर्जी की हार हुई है। इस पर दिलीप घोष ने कहा कि यदि ऐसा है तो फिर ओवैसी खुद क्यों हार गए। उन्होंने कहा कि बंगाल के मुसलमानों को उन्हें वोट देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आगे कहा कि ममता बनर्जी का राजनीतिक अध्याय अब समाप्त हो चुका है, लेकिन अब ओवैसी का क्या होगा।
--आईएएनएस
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