डिजिटल इंडिया के दौर में भी नेटवर्क से दूर जम्मू-कश्मीर का घुट्टू गांव, ग्रामीण बोले- शिक्षा और स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर
कठुआ, 20 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के घुट्टू गांव के ग्रामीणों ने मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी की मांग को लेकर सरकार और टेलीकॉम अधिकारियों से हस्तक्षेप की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि आज के डिजिटल दौर में भी उनका गांव मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित है, जिसका सीधा असर शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सेवाओं पर पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी कुलबीर सिंह ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि आने वाले 15 अगस्त को देश आजादी का 80वां महोत्सव मनाने जा रहा है, लेकिन उनके गांव की स्थिति आज भी बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया और स्मार्ट सुविधाओं की बात तो हो रही है, लेकिन घुट्टू गांव के लोग अभी भी मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
कुलबीर सिंह ने कहा कि आज शिक्षा के क्षेत्र में ऑनलाइन क्लास, स्मार्ट क्लास और डिजिटल संसाधनों की अहम भूमिका है। लेकिन नेटवर्क सुविधा नहीं होने के कारण गांव के बच्चे इन अवसरों का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए बच्चों को गांव से काफी दूर जाना पड़ता है। अगर गांव में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध हो जाए तो युवा ऑनलाइन कोचिंग, डिजिटल कोर्स और सरकारी ऑनलाइन योजनाओं से जुड़कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नेटवर्क की कमी सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है। कुलबीर सिंह ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि गांव में जब एक व्यक्ति की तबीयत खराब हुई तो एंबुलेंस को बुलाने के लिए ग्रामीणों को कई किलोमीटर दूर जाना पड़ा। इसके बाद ही एंबुलेंस से संपर्क हो सका। ग्रामीणों ने बीमार व्यक्ति को खुद उठाकर सड़क तक पहुंचाया, जहां से एंबुलेंस उसे ले जा सकी।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज जब देश तेजी से डिजिटल सुविधाओं की ओर बढ़ रहा है, तब भी कई ग्रामीण इलाके नेटवर्क जैसी जरूरी सुविधा से दूर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्थानीय प्रशासन से अपील की कि घुट्टू गांव की समस्या पर ध्यान दिया जाए और जल्द से जल्द मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराया जाए।
--आईएएनएस
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