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धीरेंद्र शास्त्री ने दी अमेरिका पर भरोसा न करने की सलाह, बोले- भारत को खुद बनानी चाहिए अपनी नीति

वाराणसी, 6 मार्च (आईएएनएस)। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में भारत के टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में फाइनल में पहुंचने पर पूरे देश को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह भारत की तरक्की और गर्व की बात है। क्रिकेट टीम के शानदार प्रदर्शन से सभी भारतीयों को खुशी हो रही है।
धीरेंद्र शास्त्री ने दी अमेरिका पर भरोसा न करने की सलाह, बोले- भारत को खुद बनानी चाहिए अपनी नीति

वाराणसी, 6 मार्च (आईएएनएस)। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में भारत के टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में फाइनल में पहुंचने पर पूरे देश को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह भारत की तरक्की और गर्व की बात है। क्रिकेट टीम के शानदार प्रदर्शन से सभी भारतीयों को खुशी हो रही है।

उन्होंने कहा कि आज हम उस दौर में पहुंच चुके हैं, जहां भारत हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रहा है। क्रिकेट हो या अन्य क्षेत्र, देश की प्रगति सभी के लिए गर्व की विषय है। हम ऐसी धरती पर रहते हैं, जहां विनाश नहीं होता, सब कुछ सुरक्षित और अद्भुत है। यह महादेव और भगवान विश्वनाथ की पावन भूमि है। काशी (वाराणसी) में आना हमारा सौभाग्य है। हम बार-बार इस धरती को छूने का अवसर पाते हैं और मां गंगा और विश्वनाथ जी का शुक्रिया अदा करते हैं।

आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने योगी आदित्यनाथ के हिंदू होने के सवाल को लेकर कहा कि वे किसी व्यक्ति को प्रमाणपत्र नहीं बांटते हैं।

उन्होंने इजराइल और ईरान संघर्ष पर कहा कि युद्ध कभी समाधान नहीं होता है। शांति ही एकमात्र रास्ता है। प्यार और समझदारी से ही तरक्की होती है, जबकि जंग से सिर्फ तबाही फैलती है। उन्होंने कहा, "हम बस यही कहना चाहेंगे कि जब मिडिल ईस्ट में तनाव है तो भारत में होली मनाई जा रही हैं। पूरी दुनिया आग में जल रही है, लेकिन भारत शांत और फल-फूल रहा है। हम अपनी सेना के मजबूत हाथों में सुरक्षित हैं।"

धीरेंद्र शास्त्री ने अमेरिका पर भरोसा न करने की सलाह देते हुए कहा, "अमेरिका सरकार बहुत चालाकी से काम करती है। उन पर भरोसा नहीं करना चाहिए। वे सुबह कुछ और शाम को कुछ और कहते हैं। ऐसे लोगों पर भरोसा मत करो। भारत को अपनी नीति खुद बनानी चाहिए, जो हमारे पास है (सनातन संस्कृति, शांति और एकता), उसकी रक्षा करनी चाहिए। हमें सोचना चाहिए कि क्या नहीं करना है यानी विभाजन या झगड़े से बचना है।

--आईएएनएस

एनएस/वीसी

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