पुष्कर में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विवादित बयान: हिंदुओं को ‘4 बच्चे’ की सलाह
बागेश्वर धाम सरकार के नाम से प्रसिद्ध धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने बेबाक बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहते हैं। हाल ही में राजस्थान के पुष्कर में आयोजित तीन दिवसीय हनुमान कथा के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील और विवादित मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।
धीरेंद्र शास्त्री ने इस दौरान हिंदुओं की घटती आबादी, मुसलमानों की घर वापसी और अजमेर दरगाह जाने जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय की संख्या में गिरावट चिंता का विषय है और इसके लिए समाज को सचेत रहना चाहिए। जनसंख्या के इस मुद्दे पर उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के ‘तीन बच्चे’ वाले बयान से आगे बढ़ते हुए हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने की सलाह दे डाली।
शास्त्री के इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उनके समर्थक इसे हिंदू समाज को सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रोत्साहन मान रहे हैं, जबकि आलोचक इसे संवेदनशील धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर विवादित और असंवेदनशील टिप्पणी बता रहे हैं।
उन्होंने अजमेर दरगाह और मुसलमानों की घर वापसी जैसे विषयों पर भी अपने विचार रखे। शास्त्री ने कहा कि हिंदू समाज को अपनी संस्कृति और धार्मिक पहचान के प्रति जागरूक रहना चाहिए और समाज में जनसंख्या संतुलन बनाए रखने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बयान अक्सर धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से विवाद पैदा करते हैं। उनका कहना है कि जनसंख्या संतुलन, सामाजिक सहिष्णुता और धार्मिक सौहार्द जैसे मुद्दे संवेदनशील होते हैं, इसलिए इन पर सार्वजनिक बयान देने से पहले व्यापक सोच और परिप्रेक्ष्य की जरूरत होती है।
राजस्थान में पुष्कर जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थल पर इस तरह की टिप्पणियों ने स्थानीय और राष्ट्रीय मीडिया में भी सुर्खियां बटोरी हैं। धर्म और समाज से जुड़े विश्लेषकों का कहना है कि शास्त्री का यह बयान राजनीतिक, सामाजिक और धार्मिक बहस का मुद्दा बन सकता है।
धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान एक बार फिर यह दर्शाता है कि वे अपने मंच से समाज और धर्म के विषयों पर बेबाक राय देने से पीछे नहीं हटते। उनके समर्थक इसे धार्मिक जागरूकता और सांस्कृतिक पहचान के लिए जरूरी कदम मानते हैं, जबकि आलोचक इसे संवेदनशील मुद्दों को भड़काने वाली टिप्पणी बता रहे हैं।
इस घटना के बाद पुष्कर में हनुमान कथा कार्यक्रम और शास्त्री के भाषण की मीडिया में व्यापक रिपोर्टिंग हुई है। सामाजिक और राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस तरह के बयान धार्मिक समुदायों के बीच बहस को बढ़ावा देते हैं और समाज में संतुलन बनाए रखने की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाते हैं

