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धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों पर कब्जे की साजिश: इमरान मसूद का केंद्र-यूपी सरकार पर आरोप

धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों पर कब्जे की साजिश: इमरान मसूद का केंद्र-यूपी सरकार पर आरोप
धार्मिक संस्थाओं की संपत्तियों पर कब्जे की साजिश: इमरान मसूद का केंद्र-यूपी सरकार पर आरोप

सहारनपुर, 9 जुलाई (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन, राम मंदिर से जुड़े विवाद, उत्तर प्रदेश की राजनीति, ईरान-अमेरिका तनाव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा और पश्चिम बंगाल की राजनीतिक घटनाओं समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। इस दौरान उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और सरकारी नीतियों की आलोचना की।

उत्तर प्रदेश में वक्फ संशोधन कानून लागू करने की तैयारियों पर इमरान मसूद ने कहा कि सरकार की नजर धार्मिक संस्थाओं और उनकी संपत्तियों पर है। पहले वक्फ की संपत्तियों को निशाना बनाया गया और अब मंदिरों से जुड़े मामलों में भी अनियमितताओं के आरोप सामने आ रहे हैं। वहीं, वक्फ बोर्ड में हिंदू सदस्यों को शामिल किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को केवल हिंदू-मुस्लिम के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। असली मुद्दा धार्मिक संस्थाओं और उनकी संपत्तियों के प्रबंधन का है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्ष को अयोध्या का राम मंदिर और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर पसंद नहीं है और सरकार ने जनता का पैसा मंदिरों के विकास में लगाया है, इमरान मसूद ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि मंदिरों से जुड़े मामलों में कोई अनियमितता नहीं हुई, तो फिर एफआईआर और एसआईटी की जांच की आवश्यकता क्यों पड़ी। सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।

मुख्यमंत्री योगी के इस बयान पर कि पूर्ववर्ती सरकारें कब्रिस्तानों पर खर्च करती थीं जबकि वर्तमान सरकार मंदिरों के विकास पर खर्च कर रही है, मसूद ने कहा कि कब्रिस्तान भी समाज का हिस्सा हैं और वहां की बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार एक विशेष समुदाय के खिलाफ बयानबाजी करती है। इमरान मसूद ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में लगातार परीक्षा पत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है और गरीब परिवारों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना कठिन हो गया है।

जब उनसे पूछा गया कि यदि कांग्रेस की सरकार बनती है तो क्या बेरोजगारी और अपराध पर नियंत्रण संभव होगा, उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की सरकार है और सत्ता में आने पर रोजगार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में सुधार का प्रयास करेगी।

राम मंदिर के बाद अन्य मंदिरों में भी कथित अनियमितताओं की खबरों के सवाल पर इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि पूरे तंत्र में भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने दावा किया कि इसके पीछे आरएसएस की भूमिका है और धार्मिक संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। राम मंदिर से जुड़े विवादों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी के सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस इस विषय पर अपनी बात लगातार रखती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी पहले इस विषय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी का पक्ष रखा था।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों पर इमरान मसूद ने ट्रंप की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप का रवैया पूरी दुनिया को धमकाने वाला है और उनके बयान वैश्विक शांति के लिए उचित नहीं हैं।

ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को मजबूत करने संबंधी बयान पर इमरान मसूद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करना प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है और यह उनके पद का स्वाभाविक दायित्व है।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर अंडे फेंके जाने की घटना पर इमरान मसूद ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में ऐसी राजनीतिक संस्कृति विकसित होना लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है और सभी दलों को इससे बचना चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके

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