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धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, फिर होगी सांसद में चर्चा: अधीर रंजन का केंद्र सरकार पर हमला

धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, फिर होगी सांसद में चर्चा: अधीर रंजन का केंद्र सरकार पर हमला
धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, फिर होगी सांसद में चर्चा: अधीर रंजन का केंद्र सरकार पर हमला

नई दिल्ली, 22 जुलाई (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के निलंबन, नीट और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा, प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि मंत्री के पद पर रहते हुए निष्पक्ष चर्चा संभव नहीं है।

तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी के कथित आपत्तिजनक शब्दों और उनके निलंबन पर अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ऐसा हो सकता है क्योंकि पहले भी इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने इसे टीएमसी का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि पार्टी के भीतर का विवाद अब सड़क से संसद तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि कोलकाता में भी पार्टी के भीतर दो गुटों के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे हैं और उसी का असर संसद में भी दिखाई दे रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि लोकसभा अध्यक्ष को संसदीय नियमों के अनुसार लगा कि निलंबन आवश्यक है, तो यह उनका अधिकार और निर्णय है।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है लेकिन विपक्ष नहीं चाहता, अधीर रंजन चौधरी ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि विपक्ष की शुरुआत से ही मांग रही है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले इस्तीफा दें। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मामलों में सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। देशभर में छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं और छात्र आत्महत्या जैसी घटनाएं भी चिंता का विषय रही हैं। जब इतनी बड़ी संख्या में छात्र प्रभावित हुए हैं, तो संबंधित मंत्री के पद पर बने रहने के दौरान निष्पक्ष चर्चा नहीं हो सकती।

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि किसी मंत्री का जिम्मेदारी तय होने पर इस्तीफा देना भारतीय लोकतंत्र में कोई नई बात नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि यूपीए सरकार के दौरान भाजपा विपक्ष में रहते हुए कई मंत्रियों के इस्तीफे की मांग करती रही थी। ऐसे में वर्तमान विपक्ष की मांग को असामान्य नहीं कहा जा सकता। कांग्रेस चाहती है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और उसके बाद संसद में इस पूरे मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस उपाय किए जा सकें।

प्रधानमंत्री आवास के बाहर मंगलवार को राहुल गांधी के प्रदर्शन और उसके विरोध में भाजपा द्वारा बुधवार को देशभर में कांग्रेस कार्यालयों के बाहर किए जा रहे प्रदर्शनों पर भी अधीर रंजन चौधरी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि भाजपा और स्वयं प्रधानमंत्री राहुल गांधी से इतना डर क्यों महसूस करते हैं। यदि विपक्ष का कोई नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर बैठकर आम लोगों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाता है, तो इसे प्रधानमंत्री का अपमान नहीं माना जाना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी के साथ पुलिस द्वारा कठोर व्यवहार किया गया और उन्हें जबरन हटाया गया। यदि अब भाजपा कांग्रेस कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर रही है तो यह दर्शाता है कि राहुल गांधी के आंदोलन का राजनीतिक प्रभाव पड़ा है। सरकार अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाना बना रही है। कांग्रेस ने भाजपा मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि देश के निर्वाचित प्रधानमंत्री के आवास के बाहर आम जनता और छात्रों के मुद्दों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखी।

--आईएएनएस

पीएसके

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