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धर्म, देश और विज्ञान: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन के मुरीद हुए फिल्म निर्देशक अभिषेक शर्मा

मुंबई, 7 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 साल पूरे होने के अवसर पर नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम, वर्ली में आयोजित दो दिवसीय श्रृंखला 'नए क्षितिज' के शुभारंभ में कई हस्तियों ने हिस्सा लिया और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के विचारों की सराहना की।
धर्म, देश और विज्ञान: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन के मुरीद हुए फिल्म निर्देशक अभिषेक शर्मा

मुंबई, 7 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 साल पूरे होने के अवसर पर नेहरू सेंटर ऑडिटोरियम, वर्ली में आयोजित दो दिवसीय श्रृंखला 'नए क्षितिज' के शुभारंभ में कई हस्तियों ने हिस्सा लिया और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के विचारों की सराहना की।

फिल्म निर्देशक अभिषेक शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में मोहन भागवत की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने धर्म और देश पर जो बातें कीं और उनका वैज्ञानिक तर्क भी बताया। उन्होंने कहा, "मैंने 'परमाणु' और 'राम सेतु' जैसी फिल्में बनाते समय देश और धर्म को जोड़ने के साथ विज्ञान के नजरिए से भी काम किया, लेकिन आज के सत्र में मोहन भागवत ने धर्म और देश पर जो बातें कहीं, उनमें वैज्ञानिक तर्क भी था। संघ जिस तरह से काम करता है और जैसी विचारधारा को आगे बढ़ाना चाहता है, उससे बहुत प्रेरणा मिलती है।

निर्देशक ने कहा कि हर भारतीय की जिम्मेदारी सिर्फ अपने काम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे देश और धर्म के लिए भी उतना सजग होना चाहिए।

अभिषेक शर्मा ने मोहन भागवत के धर्म की परिभाषा की तारीफ की। उन्होंने कहा, "धर्म कोई मजहब नहीं है। भगवद्गीता में जिस धर्म की बात है, वह कोई संकीर्ण मजहब नहीं है, लेकिन मोहन भागवत ने आज इतने भारी विषयों को इतने आसान तरीके से समझाया। यह बहुत अच्छा था। मैं कल के सत्र में भी आ रहा हूं, क्योंकि यह देखना बहुत अच्छा होगा कि सवालों के जवाब कल दिए जाएंगे और यह एक बहुत पारदर्शी सत्र था और कल का सत्र और भी पारदर्शी होने वाला है। मुझे आज इस मामले में बहुत खुशी मिली और मैं कल भी यही उम्मीद करता हूं। धन्यवाद।"

अभिनेत्री पूनम ढिल्लों ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उन्हें कार्यक्रम में आकर बहुत अच्छा लगा और मोहन भागवत के विचारों से बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्होंने कहा, "मुझे यहां आकर समझ में आया कि एक अच्छा इंसान और भारतीय कैसे बनें। मोहन भागवत ने धर्म और जाति से ऊपर उठकर सभी को साथ लेकर चलने की बात कही। उनके ज्ञान में एक ह्यूमर झलकता है। उन्होंने गुरु नानकजी का उदाहरण दिया। साथ ही, हर धर्म के बारे में कुछ कहा, जिसे सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा और यहां आकर बहुत कुछ सीखने को मिला। मैं सच में खुश हूं कि मैं आज यहां आ सकी। धन्यवाद।"

डॉ. हरीश कोरी मुंबई और अखिल भारती कोहली समाज के डायरेक्टर हैं। उन्होंने मोहन भागवत के हिंदुत्व विचारधारा की प्रशंसा करते हुए कहा, "उनकी विचारधारा भारत की दिशा तय करने में बहुत उपयोगी है। अगर देश की एकता और अखंडता बनाए रखनी है तो सभी में सार्वभौमिकता की भावना हो। मैं उनकी विचारधारा को घर-घर, गली-गली और लोगों तक पहुंचाने में मदद करूंगा। धन्यवाद। नमस्कार।"

--आईएएनएस

एनएस/डीकेपी

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