DGHS Medical Scam: दवा व उपकरण खरीद घोटाले में बड़ा एक्शन, मास्टरमाइंड राजीव रंगीला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
दिल्ली के चर्चित DGHS मेडिकल खरीद घोटाले में जांच एजेंसियों को एक और बड़ी कार्रवाई मिली है। करीब 700 करोड़ रुपये के कथित मेडिकल सप्लाई और उपकरण खरीद घोटाले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे फार्मास्युटिकल कारोबारी राजीव रंगीला को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।रंगीला को इससे पहले एंटी करप्शन ब्रांच यानी ACB ने गिरफ्तार किया था। वह लंबे समय से जांच एजेंसी की पकड़ से बाहर था और अमेरिका से लौटने के बाद ACB के सामने सरेंडर किया था। इसके बाद कोर्ट ने उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। यह हिरासत पूरी होने के बाद 29 सितंबर को उसे दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अब 14 दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला दिल्ली सरकार के Directorate General of Health Services यानी DGHS और उसके तहत काम करने वाली Central Procurement Agency यानी CPA से जुड़ी मेडिकल खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का है।ACB की जांच में दवाओं, मेडिकल उपकरणों, सर्जिकल सामान और दूसरे मेडिकल सप्लाई की खरीद में टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की जांच की जा रही है। एजेंसी का आरोप है कि कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर की शर्तों और तकनीकी स्पेसिफिकेशन में कथित तौर पर हेरफेर की गई।
जांच के केंद्र में क्यों हैं राजीव रंगीला?
ACB के मुताबिक राजीव रंगीला इस मामले में एक प्रमुख आरोपी और कथित लाभार्थी है। जांच एजेंसी का आरोप है कि उसने ऐसी कंपनियों के जरिए सरकारी मेडिकल सप्लाई के ठेके हासिल करने में भूमिका निभाई, जिनके वास्तविक संचालन को लेकर सवाल उठे हैं।जांच में कुछ कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं। ACB का आरोप है कि इन कंपनियों के मालिक के तौर पर दूसरे लोगों के नाम इस्तेमाल किए गए, जबकि उनका वास्तविक संचालन रंगीला से जुड़ा था। हालांकि ये सभी आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं और मामले की कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
अमेरिका क्यों गया था रंगीला?
मामले में FIR दर्ज होने के बाद ACB ने राजीव रंगीला को पूछताछ के लिए नोटिस दिए थे। जांच एजेंसी के मुताबिक वह जांच में शामिल नहीं हुआ और बाद में भारत से बाहर चला गया। उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर और गैर-जमानती वारंट जैसी कार्रवाई की गई थी।
इसके बाद अमेरिका से लौटकर उसने ACB के सामने सरेंडर किया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अब आगे क्या होगा?
चार दिन की पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद कोर्ट ने राजीव रंगीला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब उसे 13 अक्टूबर 2026 को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान जांच एजेंसी कथित खरीद प्रक्रिया, पैसों के लेन-देन, कंपनियों की भूमिका और मामले से जुड़े दूसरे आरोपियों से संबंधित तथ्यों की जांच आगे बढ़ाएगी।इस मामले में पहले ही DGHS की पूर्व प्रमुख डॉ. वत्सला अग्रवाल, CPA के पूर्व हेड ऑफ ऑफिस डॉ. विनोद कुमार रंगा और CPA के डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स नीरज चोपड़ा समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।फिलहाल जांच जारी है और राजीव रंगीला के खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।

