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देशभर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़; रांची के पहाड़ी बाबा, भागलपुर के भूतनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर रहे श्रद्धालु

देशभर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़; रांची के पहाड़ी बाबा, भागलपुर के भूतनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर रहे श्रद्धालु
देशभर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़; रांची के पहाड़ी बाबा, भागलपुर के भूतनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर रहे श्रद्धालु

रांची, 3 अगस्त (आईएएनएस)। सावन के पहले सोमवार पर देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। रांची के पहाड़ी बाबा मंदिर, देवघर और बिहार के भूतनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

पहाड़ी बाबा मंदिर में मैनेजमेंट कमेटी के राजकुमार शर्मा ने आईएएनएस से बताया कि देवघर के बाद पूरे झारखंड का सबसे बड़ा शिवालय यही (पहाड़ी बाबा मंदिर) है। यह ऐतिहासिक प्राचीन मंदिर है। जिला प्रशासन और रांची पहाड़ी मंदिर विकास समिति की ओर से व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन की ओर से 120 सीसीटीवी कैमरे अतिरिक्त लगाए गए हैं। सीसीटीवी के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है। बाबा को सोमवार का दिन सबसे प्रिय है।

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय ने आईएएनएस से कहा कि पहाड़ी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु आकर बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं। व्यवस्था अच्छी की गई है। सावन के महीने में श्रद्धालु मनोकामना पूरी होने के लिए बाबा के दर्शन करेंगे और जलाभिषेक करेंगे।

पहाड़ी बाबा के दर्शन करने आए श्रद्धालु अभिषेक यादव ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि बाबा से प्रार्थना की है, सभी कुछ सही से चले और माता-पिता स्वस्थ रहें और समाज सकारात्मक दिशा की ओर बढ़े। एक और श्रद्धालु अमन कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य अच्छा रहे और परिवार के लोग भी स्वस्थ रहें, बाबा से यही प्रार्थना की है।

वहीं, बिहार के भागलपुर जिले में पवित्र श्रावण महीने के पहले सोमवार को ऐतिहासिक 700 साल पुराने भूतनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने और भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए हजारों भक्त उमड़े। तिरुपति नाथ के भूतनाथ महादेव मंदिर के महंत ने आईएएनएस से कहा, "भूतनाथ मंदिर 700 साल से भी ज्यादा पुराना है और इसे पहले थानेश्वरनाथ महादेव के नाम से जाना जाता था।"

महंत ने आगे बताया, "जब गंगा इस क्षेत्र में आईं और यहां श्मशान घाट स्थापित हुआ, तब से इस मंदिर को भूतनाथ के नाम से जाना जाने लगा। श्रावण का महीना विशेष महत्व रखता है। हिंदू मान्यता के अनुसार इसी महीने में समुद्र मंथन के दौरान विष निकला था।"

--आईएएनएस

एसडी/एएस

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