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देश को अस्थिर करने वाली राजनीति से बचें, संविधान का सम्मान सर्वोपरि: इंद्रेश कुमार

देश को अस्थिर करने वाली राजनीति से बचें, संविधान का सम्मान सर्वोपरि: इंद्रेश कुमार
देश को अस्थिर करने वाली राजनीति से बचें, संविधान का सम्मान सर्वोपरि: इंद्रेश कुमार

लखनऊ, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। लखनऊ में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के कार्यकर्ता सम्मेलन में राहुल गांधी, विपक्ष और कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) की राजनीति पर कड़े सवाल उठाए गए। सम्मेलन में कहा गया कि भारत की एकता, अखंडता और संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक इन्द्रेश कुमार ने कहा कि विपक्ष और सीजेपी राजनीतिक विरोध को ऐसे रास्ते पर ले जा रहे हैं, जिससे देश में अस्थिरता और अविश्वास का माहौल बन सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सत्ता हासिल करने की राजनीतिक महत्वाकांक्षा देश की स्थिरता और राष्ट्रीय हितों से ऊपर हो सकती है? सम्मेलन में यह भी कहा गया कि चुनावी व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाने के बजाय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। इन्द्रेश कुमार ने राहुल गांधी और विपक्ष की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत को टकराव और अराजकता नहीं, बल्कि जिम्मेदार नेतृत्व, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्र निर्माण की जरूरत है।

बांग्लादेश और पाकिस्तान के हालात का उल्लेख करते हुए इंद्रेश कुमार ने चेताया कि हिंसा, कट्टरता, राजनीतिक टकराव और सामाजिक विभाजन किसी भी देश की शांति तथा स्थिरता को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और अखंडता के साथ खिलवाड़ करने वाली सोच से देश को सतर्क रहना होगा। सम्मेलन में कार्यकर्ताओं से अपील की गई कि वे समाज में राष्ट्रप्रेम, आपसी विश्वास और भाईचारे को मजबूत करें तथा किसी भी तरह की नफरत और कट्टरता के खिलाफ जागरूकता फैलाएं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक डॉ. इंद्रेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित सम्मेलन में कहा गया कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता, एकता और सभी धर्मों के सम्मान में निहित है। कार्यकर्ताओं को समाज के बीच जाकर मोहब्बत, भाईचारे, देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया गया।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच आगामी दिनों में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 10 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा। इन कार्यक्रमों के जरिए राष्ट्रवाद, सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता, शिक्षा, आपसी भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इनमें से दो कार्यक्रम सूफीवाद पर केंद्रित होंगे। इन कार्यक्रमों में सूफी परंपरा के प्रेम, इंसानियत, अमन और आपसी सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा। मंच का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ना और प्रदेश में शांति, भाईचारे तथा राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है।

डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि कार्यकर्ता की पहचान उसके अच्छे व्यवहार, मीठी भाषा, साफ नीयत और ऊंचे किरदार से होनी चाहिए। समाज में बदले की भावना फैलाने के बजाय लोगों के दिल जोड़ना जरूरी है। कार्यकर्ताओं को अपने आचरण से ऐसा उदाहरण पेश करना चाहिए कि लोग मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के काम और विचारों को करीब से समझ सकें। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत किरदार मजबूत किए बिना किसी भी सामाजिक अभियान को व्यापक सफलता नहीं मिल सकती।

परिवारों में बढ़ते तनाव और तलाक के मामलों पर चिंता जताते हुए डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि परिवार की बुनियाद प्यार, भरोसे, सम्मान और जिम्मेदारी पर टिकी होती है। पति-पत्नी के बीच विवाद का गहरा असर बच्चों पर पड़ता है। महिलाओं के सम्मान और परिवारों को टूटने से बचाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “तलाक करना है तो नशे वाली बोतल को करो, मोहब्बत करनी है तो घर में बीवी को करो।”

उन्होंने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का संदेश दोहराया, “तलाक नहीं, सुलह; तलाक नहीं, मोहब्बत।” उन्होंने पारिवारिक विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने और सुलह केंद्रों को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। हज में शैतान को कंकड़ मारने की परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इंसान को अपने भीतर के गुस्से, अहंकार, हिंसा और कट्टरता जैसी बुराइयों को भी दूर करना चाहिए। उनके मुताबिक, रिश्तों को बचाने के लिए आपसी समझ, संयम और मोहब्बत को प्राथमिकता देना जरूरी है।

अंतरराष्ट्रीय हालात पर बोलते हुए डॉ. इंद्रेश कुमार ने युद्ध के बजाय बातचीत और शांति का रास्ता अपनाने की अपील की। अमेरिका, ईरान और इजरायल के संदर्भ में उन्होंने संवाद की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मौतों का जश्न मनाने के बजाय मानव जीवन और शांति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया को डर और दबाव नहीं, बल्कि भरोसे और मोहब्बत की जरूरत है। लखनऊ से दुनिया के लिए उनका संदेश था, “मोहब्बत, मोहब्बत और सिर्फ मोहब्बत।”

डॉ. शाहिद अख्तर ने कहा कि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का संकल्प “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” है। भारत की असली ताकत उसकी विविधता में एकता और साझा राष्ट्रीय पहचान में है। मंच के कार्यकर्ता की पहचान उसके अच्छे किरदार, बेहतर व्यवहार और देशभक्ति से होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा को समाज की तरक्की की बुनियाद बताते हुए कहा कि “आधी रोटी खाएंगे, बच्चों को पढ़ाएंगे” की भावना के साथ हर परिवार को बच्चों की तालीम पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कट्टरता और नफरत खत्म करने का रास्ता संवाद और आपसी समझ से निकलता है।

--आईएएनएस

डीएससीसी

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