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'देश की जनता अराजक तत्वों की अराजकता को चुनाव आने पर सिखाएगी सबक', राहुल गांधी पर भाजपा का हमला

'देश की जनता अराजक तत्वों की अराजकता को चुनाव आने पर सिखाएगी सबक', राहुल गांधी पर भाजपा का हमला
'देश की जनता अराजक तत्वों की अराजकता को चुनाव आने पर सिखाएगी सबक', राहुल गांधी पर भाजपा का हमला

नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर अराजकता फैलाने के प्रयास करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश में चुनी हुई सरकार है और चुने हुए प्रधानमंत्री हैं, लेकिन राहुल गांधी चुनाव का इंतजार करना नहीं चाहते। उनका यह कहना है कि 'एक साल में सरकार हटा देंगे', दुर्भाग्यपूर्ण बयान है।

भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए राहुल गांधी पर कहा, "अराजक तत्व देश के अंदर लोकतंत्र को खतरे में डालने का प्रयास कर रहे हैं। इन अराजक तत्वों में कांग्रेस और तमाम विपक्षी दल, चाहे अरविंद केजरीवाल हों, ममता बनर्जी हों और चाहे लाल टोपी वाले (अखिलेश यादव) हों।"

चंदोलिया ने कहा, "इन सब लोगों ने दिल्ली के अंदर अराजकता फैलाई थी और देश में एक ऐसा माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे कि लोकतंत्र पर खतरा मंडराता हुआ नजर आए। हालांकि, देश की जनता इन अराजक तत्वों की अराजकता को चुनाव आने पर सबक सिखा देगी। देश में अराजकता किसी भी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी।"

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, "राहुल गांधी पूरी तरह अराजकता फैलाना चाहते हैं। देश में चुनी हुई सरकार है, चुने हुए प्रधानमंत्री हैं। मोदी जी हैं और रहेंगे, 2029 में भी जीतेंगे। लेकिन राहुल गांधी चुनाव का इंतजार करना नहीं चाहते, क्योंकि वो जानते हैं कि चुनाव में वो जीत नहीं सकते।"

शाहनवाज ने कहा, "उनका यह कहना कि 'एक साल में सरकार हटा देंगे', क्या एक साल में चुनाव होने वाला है? जिस तरह की भाषा बोली है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। राहुल गांधी पहले चुनाव आयोग पर हमला करते हैं, फिर सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ मार्च करते हैं, फिर संसद का अपमान करके मॉक पार्लियामेंट करते हैं। अब प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह के शब्द बोलकर उन्होंने बहुत बड़ी गलती की है, देश उनको क्षमा नहीं करेगा।"

शाहनवाज हुसैन ने राहुल गांधी की चुनौती को लेकर भी जवाब दिया। भाजपा नेता ने कहा, "राहुल गांधी ओपन चैलेंज कर रहे हैं तो ओपन चैलेंज से क्या होगा? संसद जब चलती है तो वे सदन चलने नहीं देते। बहस की जगह संसद है और ये संसद में बहस नहीं करना चाहते, बल्कि उसे बाधित करते हैं, सिर्फ धरना प्रदर्शन करते हैं और बाद में बयानबाजी करते हैं।"

--आईएएनएस

डीसीएच/

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