देश के मुद्दे राहुल गांधी उठा रहे हैं और जनता वही सुनना चाहती है: पवन खेड़ा
मुंबई, 26 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग राहुल गांधी को गंभीरता से नहीं लेने की बात करते हैं, उन्हें अब डर क्यों सता रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के मुद्दे उठा रहे हैं और जनता भी उन्हें सुनना चाहती है।
मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ ऐसे बयान सिर्फ इसलिए दिए जा रहे हैं, ताकि लोगों का ध्यान असल मुद्दों से भटकाया जा सके।
पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस बीते एक महीने से अधिक समय से पूछ रही है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर पेलेट गन किसने चलाई और इसका आदेश किसने दिया। सरकार ने आज तक इसका जवाब नहीं दिया। राहुल गांधी ने प्रमुखता से इस मुद्दे को सदन में उठाया लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में आकर इस मुद्दे पर जवाब देने की जहमत नहीं उठाई।
भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा राखी के एक विज्ञापन में अभिनेत्री कृति सेनन की पोशाक की आलोचना किए जाने के बाद राहुल गांधी द्वारा कृति सेनन का समर्थन किए जाने के सवाल पर पवन खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी जहां भी जाते हैं और जिस भी मंच से बोलते हैं, वे हमेशा यही बात करते हैं कि कहीं कोई अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि खाने-पीने और अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने के मामले में लोगों को आजादी होनी चाहिए।
मराठी भाषा विवाद पर पवन खेड़ा ने कहा कि देश सदियों से बातचीत के जरिए चला है, झगड़ों के जरिए नहीं। उन्होंने कहा कि जो लोग इस देश को झगड़ों के जरिए चलाना चाहते हैं, उन्हें देश चलाना नहीं आता। वे सिर्फ विवाद खड़े करना चाहते हैं, ताकि असली मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाया जा सके।
पूर्व सीडीएस के बयान पर पवन खेड़ा ने कहा कि पिछले 10-15 दिनों में कई मुद्दे उठाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा इसलिए किया गया, ताकि एक खास मुद्दे को छिपाया जा सके और उससे लोगों का ध्यान हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि वह मुद्दा है पेलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जेन-जी से संवाद को लेकर पवन खेड़ा ने कहा कि यह अच्छी बात है कि मुख्यमंत्री योगी युवाओं से बात करेंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव आया तो जेन-जी की याद आई। युवाओं का दर्द यह है कि पैलेट गन किसने चलाई, इसका जवाब नहीं मिल पाया। जिन लोगों को जवाब देना है, वे डरे हुए हैं और संसद में आए ही नहीं।
--आईएएनएस
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