तेल अवीव पहुंची डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट को बम की धमकी, वीडियो में जाने विमान खाली कर तलाशी; इजराइल ने 11 देशों के क्रू पर लगाई रोक
इजराइल के तेल अवीव स्थित बेन गुरियन एयरपोर्ट पर मंगलवार को उस समय सुरक्षा अलर्ट जारी हो गया, जब अमेरिका के न्यूयॉर्क से पहुंची डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट को बम की धमकी मिली। धमकी मिलने के बाद विमान को खाली कराया गया और सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी तलाशी ली। हालांकि, जांच के दौरान विमान में कोई विस्फोटक नहीं मिला। घटना के बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और इजराइल के नए विमानन सुरक्षा नियम एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब इजराइल ने विमानन सुरक्षा को लेकर नियम सख्त किए हैं। इससे एक दिन पहले इथियोपियन एयरलाइंस के एक कार्गो विमान को उसके पायलट की राष्ट्रीयता के कारण इजराइल में उतरने की अनुमति नहीं मिली थी। बाद में पायलट बदले जाने के बाद विमान को लैंडिंग की मंजूरी दी गई।
डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट में बम की धमकी
जानकारी के मुताबिक, न्यूयॉर्क से तेल अवीव पहुंची डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट को मंगलवार को बम की धमकी मिली। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियातन विमान को खाली कराया और उसकी विस्तृत तलाशी ली।जांच के दौरान कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिलने से राहत मिली। हालांकि, ऐसी धमकियों को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसियां निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच करती हैं। फिलहाल इस घटना में किसी विस्फोटक के मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है।
इथियोपियन एयरलाइंस के विमान को क्यों रोका गया?
इससे एक दिन पहले इजराइल ने इंडोनेशियाई पायलट के कारण इथियोपियन एयरलाइंस के कार्गो विमान को उतरने की अनुमति नहीं दी थी। बताया गया कि विमान के क्रू सदस्यों की सूची अदीस अबाबा से उड़ान भरने के बाद इजराइल को भेजी गई थी। यानी विमान के रवाना होने से पहले इजराइली अधिकारियों के पास क्रू की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं थी।विमान में पर्याप्त ईंधन मौजूद था और उसे वापस अदीस अबाबा लौटना पड़ा। वापसी के लिए विमान का वजन कम करने के उद्देश्य से समुद्र के ऊपर ईंधन गिराया गया। इसके बाद पायलट को बदल दिया गया। नए पायलट को इजराइल में उतरने की अनुमति मिलने के बाद विमान के वहां जाने का रास्ता साफ हुआ।
सितंबर के हादसे के बाद सख्त हुए सुरक्षा नियम
रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में फ्लाईदुबई की फ्लाइट से जुड़ी घटना के बाद इजराइल ने विमानन सुरक्षा नियमों को सख्त किया। इसके तहत 11 देशों के पायलटों और क्रू सदस्यों पर प्रतिबंध लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।इन देशों में अफगानिस्तान, अल्जीरिया, इंडोनेशिया, ईरान, इराक, कुवैत, नाइजर, कतर, सऊदी अरब, सोमालिया और वेनेजुएला शामिल हैं। बताया गया है कि इन देशों के इजराइल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं।ऐसे प्रतिबंधों का उद्देश्य विमानन सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को नियंत्रित करना बताया जाता है। हालांकि, इस तरह के नियमों के लागू होने की सटीक शर्तें और उनका दायरा संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक निर्देशों से ही स्पष्ट होता है।
एयरपोर्ट सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर
डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट को मिली धमकी और इथियोपियन एयरलाइंस के विमान से जुड़ी घटना ने अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा से जुड़े सवालों को फिर सामने ला दिया है। बम की धमकी मिलने पर जांच और सुरक्षा प्रक्रिया के कारण उड़ानों के संचालन में देरी हो सकती है।वहीं, पायलट और क्रू सदस्यों की जानकारी की जांच अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में एयरलाइंस को संबंधित देश के सुरक्षा नियमों और प्रवेश संबंधी शर्तों का पालन करना पड़ता है।फिलहाल, डेल्टा एयरलाइंस की फ्लाइट की तलाशी में कोई विस्फोटक नहीं मिला। दूसरी ओर, इथियोपियन एयरलाइंस के मामले ने इजराइल के सख्त विमानन सुरक्षा नियमों को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।

