दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों का समर्थन एबीवीपी के साथ: उपाध्यक्ष
नई दिल्ली, 18 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव के लिए वोटिंग चल रही है। पोलिंग बूथ के आसपास पुलिस की तख्त सुरक्षा व्यवस्था है।
इस दौरान उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) इशू मौर्य ने कहा कि अभी कुछ भी कहना बहुत जल्दी हो जाएगा। हमारे पास अभी नंबर नहीं है, लेकिन हम छात्रों से बात करने के बाद आश्वस्त हैं कि दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों का समर्थन एबीवीपी के साथ है। एबीवीपी इस बार 4-0 से जीत रही है। उन्होंने कहा कि इस बार चुनाव में 110 प्रतिशत छात्रों का समर्थन एबीवीपी को मिलता नजर आ रहा है। अभी तक मैं जितने भी छात्रों से मिला हूं, मुझे उन्हें पैनल नंबर बताने की जरूरत नहीं पड़ी है। विद्यार्थियों ने सामने से पैनल कोड 7333 बताया है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में सत्यवती कॉलेज से वोट देने आए छात्रों ने अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को चुनते समय पीने के पानी की व्यवस्था और सत्य निकेतन की घटना के बाद सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर जोर दिया। मतदान करने आए छात्रों में से एक पंकज रावत ने कहा कि हम यहां होस्टल की सुविधा, सुरक्षित वातावरण जैसे कई मुद्दों को लेकर वोट देने के लिए पहुंचे हैं और इन्हीं सभी मुद्दों को लेकर हमने एबीवीपी को वोट दिया है। उन्होंने कहा कि हमने सत्य निकेतन मामले को देखते हुए यह ध्यान में रखकर वोट दिया है कि उस समय कौन सा छात्र संगठन सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचा था।
वोट देने पहुंचे एक अन्य छात्र ने बताया कि हम यहां साफ पीने का पानी आदि जैसे कई मुद्दों को लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि वह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे विशेष यादव को वोट देने के लिए पहुंचे हैं। इसके माध्यम से वह छात्र संगठनों को यह संदेश देना चाहते हैं कि वे अपने दम पर निर्दलीय चुनाव भी लड़ सकते हैं। इसी के साथ छात्र के जो भी मुद्दे हैं, उन्हें पूरा कर सकते हैं।
एक अन्य छात्र विराज ने कहा कि हमारे कॉलेज में पीने के पानी जैसी बुनियादी स्तर की ही कई समस्याएं हैं, जिससे छात्र परेशान हैं। इन सभी मुद्दों को लेकर हम पूर्ण समर्थन के साथ एबीवीपी को वोट देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एबीवीपी छात्रों के लिए 365 दिन काम करती है। ऐसी कई राजनीतिक पार्टी हैं, जो चुनाव खत्म हो जाने के बाद वापस नहीं आती, लेकिन एबीवीपी हर वक्त छात्रों के लिए खड़ी रहती है। उन्होंने कहा कि एबीवीपी और भाजपा दोनों अलग-अलग हैं। एबीवीपी की स्थापना 1949 में हुई थी। वहीं, भाजपा की स्थापना उसके काफी बाद हुई। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि केंद्र में भाजपा की सरकार है, इसलिए हम एबीवीपी को पूर्ण समर्थन दे रहे हैं।
मतदान करने पहुंचे गौरव कुमार यादव ने कहा कि सत्य निकेतन की घटना काफी दुर्भाग्यपूर्ण थी। बच्चे इस देश के भविष्य हैं, लेकिन देश में बच्चे ही सुरक्षित नहीं हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है। सत्यवती कॉलेज के मुद्दों को लेकर उन्होंने कहा कि यहां पर शांतिपूर्ण माहौल नहीं है। छात्रों के लिए यहां बुनियादी सुविधाएं भी मौजूद नहीं हैं। इन मुद्दों पर हमारे कॉलेज का प्रशासन गंभीरता से ध्यान नहीं देता है।
सत्यवती कॉलेज से वोट देने आए एक और छात्र ने कहा कि यहां पानी की समस्या है। कभी पानी आता है और कभी नहीं। हमारे थर्ड ब्लॉग पर जो बिल्डिंग है, वह जर्जर है, लेकिन फिर भी प्रशासन उसे सही नहीं करवा रहा है। सत्य निकेतन घटना में छात्र ने कहा कि पीजी माफिया की वजह से छात्र बिल्डिंग के नीचे दब गए और प्रशासन न हॉस्टल उपलब्ध कराता है और न ही बुनियादी सुविधाएं।
एबीवीपी हर चुनाव से पहले अपने मेनिफेस्टो में बोलती है कि वह छात्रों के लिए मेट्रो पास फ्री में उपलब्ध कराएगी। पिछले पांच वर्षों से डूसू के प्रेसिडेंट एबीवीपी से थे, लेकिन उन्होंने मेट्रो पास नहीं करवाया और बच्चों को ऐसे ही झूठे वादे और झूठी बातों से गुमराह कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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