Delhi Traffic Challan: लोक अदालत में चालान निपटाने से पहले जान लें सही कोर्ट का नियम, वरना होगी परेशानी
दिल्ली में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर बड़ी संख्या में चालान जारी किए जाते हैं। ऐसे में कई वाहन मालिक चालान के निपटारे, जुर्माने में राहत या मामले को सुलझाने के लिए लोक अदालत का रुख करते हैं। हालांकि, हर चालान का निपटारा किसी भी अदालत में नहीं कराया जा सकता। इसके लिए चालान की स्थिति और निर्धारित कोर्ट की जानकारी लेना जरूरी है।
अगर आप भी लोक अदालत के जरिए अपने ट्रैफिक चालान का निपटारा कराना चाहते हैं, तो पहले यह समझ लें कि संबंधित चालान किस न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। गलत कोर्ट पहुंचने पर आपका समय बर्बाद हो सकता है और चालान की सुनवाई नहीं हो पाएगी।
पहले ऑनलाइन चेक करें चालान का स्टेटस
लोक अदालत में जाने से पहले चालान की मौजूदा स्थिति की जांच करना जरूरी है। कुछ चालान वर्चुअल कोर्ट में भेजे जाते हैं, जबकि लोक अदालत में किन चालानों का निपटारा हो सकता है, यह उस समय लागू आधिकारिक दिशा-निर्देशों पर निर्भर करता है।
इसके लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस या संबंधित आधिकारिक पोर्टल पर चालान नंबर अथवा वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर जानकारी प्राप्त करें। पोर्टल पर उपलब्ध विवरण से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि चालान किस अदालत या न्यायिक क्षेत्र से संबंधित है और वह लोक अदालत में निपटारे के लिए पात्र है या नहीं।
दिल्ली में कहां लगती है लोक अदालत?
दिल्ली में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन निर्धारित न्यायालय परिसरों में किया जाता है। इनमें तीस हजारी, कड़कड़डूमा, पटियाला हाउस, रोहिणी, साकेत, द्वारका और राउज एवेन्यू जैसे कोर्ट परिसर शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, केवल नजदीकी अदालत होने के आधार पर किसी कोर्ट का चयन नहीं करना चाहिए। चालान के निपटारे के लिए संबंधित पोर्टल पर दी गई जानकारी, चालान का अधिकार क्षेत्र और लोक अदालत के उस सत्र की व्यवस्था देखना जरूरी है। सभी चालानों की सुनवाई हर कोर्ट में नहीं होती।
ऑनलाइन टोकन लेना क्यों जरूरी है?
लोक अदालत में ट्रैफिक चालान का निपटारा कराने के लिए संबंधित सत्र में ऑनलाइन टोकन या अपॉइंटमेंट की व्यवस्था हो सकती है। ऐसे में निर्धारित प्रक्रिया के तहत पहले से टोकन लेना और उस पर दर्ज निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
टोकन बुक करते समय कोर्ट का नाम, तारीख, समय और चालान से जुड़ी जानकारी ध्यान से जांचें। स्लॉट और बुकिंग की उपलब्धता हर आयोजन में अलग हो सकती है। इसलिए लोक अदालत में जाने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जारी सूचना जरूर पढ़ें।
गलत कोर्ट पहुंचने पर क्या होगा?
अगर कोई वाहन मालिक चालान की जानकारी जांचे बिना अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी अदालत में पहुंच जाता है, तो संभव है कि वहां उसके चालान का निपटारा न हो सके। संबंधित बेंच के पास उस चालान की सुनवाई का अधिकार या जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध न होने पर उसे दूसरी निर्धारित प्रक्रिया अपनाने के लिए कहा जा सकता है।
इससे समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो सकते हैं। इसलिए घर से निकलने से पहले चालान की स्थिति और संबंधित अदालत की पुष्टि करना बेहतर है।
लोक अदालत में जाते समय साथ रखें ये दस्तावेज
लोक अदालत में चालान के निपटारे के लिए जाते समय संबंधित निर्देशों के अनुसार जरूरी दस्तावेज साथ रखें। इनमें आमतौर पर ये शामिल हो सकते हैं:
- ट्रैफिक चालान की कॉपी या चालान नंबर
- ऑनलाइन बुक किए गए टोकन या अपॉइंटमेंट की प्रति
- वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)
- ड्राइविंग लाइसेंस
- वाहन का वैध बीमा प्रमाणपत्र
- पहचान से संबंधित दस्तावेज, यदि मांगे जाएं
ध्यान रखें कि लोक अदालत में चालान कम होगा या माफ किया जाएगा, इसकी गारंटी नहीं होती। फैसला चालान की प्रकृति, लागू नियमों और संबंधित बेंच के निर्णय पर निर्भर करता है। इसलिए किसी भी दावे पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक पोर्टल और जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर ही प्रक्रिया पूरी करें।

