दिल्ली शब्दोत्सव : आज मंच से बोलेंगे शब्द, भारत की संस्कृति, सभ्यता, समाज का दिखेगा रंग
नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार से तीन दिवसीय भारतीय साहित्यिक और सांस्कृतिक उत्सव "दिल्ली शब्दोत्सव 2026" का शुभारंभ होगा। इस उत्सव में देश के एक सौ से अधिक लेखक, फिल्मकार, विचारक, पत्रकार, विधि विशेषज्ञ और युवा प्रेरणास्रोत शामिल होंगे। नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में बने तीन मंचों पर लगातार संवाद और प्रस्तुतियां होंगी।
दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने कार्यक्रम के बारे में शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "जिहादी और नक्सली वैचारिक आतंकवाद पर आज सर्जिकल स्ट्राइक होगी। दिल्ली के नेशनल स्टेडियम में देश का सबसे बड़ा 'लिट फेस्ट' आज से शुरू हो रहा है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शब्दोत्सव का उद्घाटन करेंगी।"
इस कार्यक्रम में 100 से ज्यादा जाने-माने वक्ता शामिल होंगे, जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सुनील आंबेकर, मनमोहन वैद्य और सच्चिदानंद जोशी शामिल हैं। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
40 से ज्यादा किताबों का विमोचन, छह सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दो कवि सम्मेलन भी होंगे। इसके अलावा, यहां संगीतमय संध्याएं होंगी, जिनमें भारत के अलग-अलग क्षेत्रों की मधुर धुनें सुनाई देंगी। युवाओं के लिए जोश से भरा 'ओपन माइक' है, किताबों पर चर्चाएं हैं और देश भर के स्वादों से सजा एक शानदार फूड कोर्ट भी उत्सव का हिस्सा रहेगा।
'शब्दोत्सव' केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारत अभ्युदय की जीवंत झलक है, जहां पाठक, परिवार, विद्यार्थी, रचनाकार और संस्कृति से प्रेम करने वाले लोग आत्मनिर्भर और आगे बढ़ते भारत से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। 'दिल्ली शब्दोत्सव 2026' वह मंच है, जहां भारत की कहानियां, गीत और विचार जीवंत हो उठते हैं। यह तीन दिन का उत्सव 'भारत अभ्युदय' की भावना को समर्पित है, जो हमारी प्राचीन सभ्यता से जुड़ा हुआ नया भारत, उसके आत्मविश्वास और रचनात्मकता को दर्शाता है।
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