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शब्दोत्सव 2026: अगर सभी धर्म समान नहीं होंगे तो धर्मनिरपेक्षता कैसे टिकेगी: आलोक कुमार

नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। नई दिल्ली में आयोजित शब्दोत्सव 2026 के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने शनिवार को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अगर सभी धर्म समान नहीं होंगे तो धर्मनिरपेक्षता नहीं टिकेगी।
शब्दोत्सव 2026: अगर सभी धर्म समान नहीं होंगे तो धर्मनिरपेक्षता कैसे टिकेगी: आलोक कुमार

नई दिल्‍ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। नई दिल्ली में आयोजित शब्दोत्सव 2026 के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने शनिवार को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्‍होंने कहा कि अगर सभी धर्म समान नहीं होंगे तो धर्मनिरपेक्षता नहीं टिकेगी।

आलोक कुमार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि वहां हिंदुओं के खिलाफ हिंसा और ईशनिंदा के आरोप में एक युवक की हत्या, सिर्फ इसलिए कि उसने सभी धर्मों को समान मानने की बात कही थी, धर्मनिरपेक्षता की बुनियाद को ही चुनौती देती है। उन्होंने कहा कि यदि सभी धर्मों को समान नहीं माना जाएगा तो धर्मनिरपेक्षता कैसे टिक पाएगी? यह एक वैश्विक चुनौती है, जिसे पूरी दुनिया को स्वीकार करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जिहाद जैसी पुरानी अवधारणाएं आज के सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं और इस पर स्पष्ट रुख अपनाने का समय आ गया है।

आलोक कुमार ने कहा कि मौजूदा तनावपूर्ण माहौल में इस तरह के मुद्दों पर चुप्पी साधना या गलत निर्णय लेना लोगों के जख्मों पर नमक डालने जैसा होता। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी को वापस भेजना एक सही और समयोचित कदम है।

उन्‍होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद के कार्यक्षेत्र और उसके विकास को समझना जरूरी है। राम जन्मभूमि आंदोलन भले ही एक बड़ा अध्याय रहा हो, लेकिन उसके अलावा भी हिंदू समाज को संगठित और सशक्त बनाने के कई आयाम रहे हैं, जिन्हें एक पुस्तक के माध्यम से सामने लाया गया है। इस पुस्तक का लोकार्पण शब्दोत्सव 2026 में हुआ, जिसके लिए उन्होंने आयोजकों के प्रति आभार जताया।

वहीं, हुमायूं कबीर द्वारा बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए माधवी लता ने कहा कि कोई भी मंदिर या मस्जिद लोगों की आस्था और भक्ति के लिए होनी चाहिए, न कि राजनीतिक या निजी स्वार्थ के लिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी धार्मिक स्थल का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जाता है तो हर मुसलमान को इसका विरोध करने का अधिकार है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के विदेश दौरे पर टिप्पणी करते हुए माधवी लता ने कहा कि राहुल गांधी लाख कोशिशों के बावजूद देश में उठ रहे सवालों के जवाब नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका एकमात्र उद्देश्य विदेश जाकर सवालों से बचना है, ताकि उन्हें भारत की जनता के सामने जवाब न देना पड़े।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी

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