दिल्ली: रोहिणी में नकली नोट बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड, चार आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के रोहिणी में डीआईयू (जिला जांच यूनिट) ने नकली करेंसी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से लगभग 10.50 लाख रुपए मूल्य के नकली करेंसी नोट और प्रिंटिंग का सामान बरामद किया गया।
दिल्ली पुलिस ने बुधवार को जानकारी दी कि नकली करेंसी की अवैध बिक्री, ट्रांसपोर्टेशन और वितरण पर रोक लगाने के मकसद से रोहिणी की खास टीमें ऐसी गतिविधियों में शामिल सप्लाई चेन की पहचान करने और उसे खत्म करने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
इसी कड़ी में 30 सितंबर को रोहिणी की डीआईयू टीम को प्रशांत विहार इलाके में नकली भारतीय करेंसी की आवाजाही और सप्लाई के बारे में जानकारी मिली थी।
जानकारी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए टीम ने जापानी पार्क के पास छापा मारा और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान पुष्कर राज पुरबिया उर्फ डॉक्टर, गोसाई राम और साहिल खर्ब के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपियों के पास से 500 रुपए के नकली नोट और नकली भारतीय करेंसी बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य चीजें बरामद की। इसके बाद प्रशांत विहार थाने में एक अक्टूबर को एक एफआईआर दर्ज की गई।
आगे की जांच के दौरान, लगातार पूछताछ और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर एक और आरोपी नरेंद्र कुमार को राजस्थान के चूरू से पकड़ा गया। आरोपियों से जुड़ी जगहों पर तलाशी के दौरान प्रिंटिंग का सामान, डिजिटल डिवाइस, प्रिंटिंग मटीरियल और ऐसी दूसरी चीजें बरामद हुईं, जिनके बारे में शक है कि इनका इस्तेमाल नकली नोट बनाने और छापने में किया गया था।
इस ऑपरेशन और उसके बाद की जांच में कुल 21 बंडल बरामद हुए, जिनमें 500 रुपए के नकली नोट होने का शक है। इनकी कुल कीमत लगभग 10.50 लाख है।
पुलिस ने कहा कि नकली भारतीय नोट छापने, सप्लाई करने और उन्हें चलन में लाने वाले पूरे नेटवर्क का पता लगाने, नकली नोटों के सोर्स और उन्हें कहां पहुंचाया जाना था, यह जानने और इस रैकेट में शामिल दूसरे लोगों की पहचान करके उन्हें पकड़ने के लिए आगे की जांच चल रही है।
पुलिस की जांच में पता चला कि पुष्कर राज पुरबिया उर्फ 'डॉक्टर' राजस्थान में प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था। वह कथित तौर पर नकली नोट बनाने और उन्हें फैलाने के लिए दूसरे आरोपियों के साथ मिलकर काम कर रहा था। वह पहले राजस्थान में धोखाधड़ी के एक मामले और परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत चार मामलों में शामिल रहा है।
22 वर्षीय गोसाई राम राजस्थान के बाड़मेर का निवासी है। वह कथित तौर पर नकली नोट बनाने के लिए सामान जुटाने और ऑनलाइन सोर्स व सोशल मीडिया के जरिए इसे बनाने का तरीका सीखने में शामिल था। सह-आरोपी साहिल खर्ब के साथ मिलकर उसने कथित तौर पर सोनीपत में नकली नोट बनाने के लिए किराए पर जगह का इंतजाम किया और दूसरे आरोपियों की मदद से उन्हें दूसरी जगहों पर पहुंचाने में मदद की।
28 वर्षीय हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। वह ग्रेजुएट है और अपनी पारिवारिक दुकान पर काम करता था। वह कथित तौर पर पुष्कर राज पुरबिया और गोसाई राम के साथ मिलकर नकली नोट बनाने के लिए सामान जुटाने में शामिल था।
राजस्थान के चूरू का रहने वाला 31 वर्षीय नरेंद्र कुमार राजस्थान के चुरू का रहने वाला है। वह कथित तौर पर पुष्कर राज पुरबिया और गोसाई राम के संपर्क में था।
--आईएएनएस
डीसीएच/

