Samachar Nama
×

दिल्ली: रियल एस्टेट घोटाले में 9 मामलों का फरार घोषित अपराधी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में हुए बड़े धोखाधड़ी के 9 मामलों में फरार घोषित अपराधी शिव नंदन सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कई वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से बच रहा था। उसकी गिरफ्तारी को ईओडब्ल्यू की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
दिल्ली: रियल एस्टेट घोटाले में 9 मामलों का फरार घोषित अपराधी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में हुए बड़े धोखाधड़ी के 9 मामलों में फरार घोषित अपराधी शिव नंदन सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कई वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से बच रहा था। उसकी गिरफ्तारी को ईओडब्ल्यू की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, शिव नंदन सिंह यादव ने अपनी कंपनी जीआरपीएल ग्लोब रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से वर्ष 2013 में हरियाणा के ग्रेटर फरीदाबाद के तिलोरी खादर गांव में 'कृष्ण कुंज टाउनशिप' नाम से एक हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू किया था। कंपनी ने आकर्षक विज्ञापनों और झूठे आश्वासनों के जरिए लोगों को लुभाया। प्रोजेक्ट में करीब 10.26 एकड़ जमीन पर 496 रिहायशी प्लॉट विकसित करने का दावा किया गया था।

आरोप है कि कंपनी ने निवेशकों से भारी रकम जमा की, लेकिन न तो जमीन कानूनी रूप से उपलब्ध थी और न ही प्रोजेक्ट का कोई विकास कार्य किया गया। नतीजतन सैकड़ों निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। इस मामले में दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट के शाहदरा जिले में वर्ष 2019 में कुल 9 एफआईआर दर्ज की गई थीं। सभी मामलों में धोखाधड़ी का तरीका एक समान था।

शिव नंदन सिंह यादव 2019 से ही फरार चल रहा था। बार-बार छापेमारी और खोजबीन के बावजूद वह पुलिस की पकड़ से बचता रहा। वर्ष 2023 में अदालत ने उसे सभी 9 मामलों में घोषित अपराधी घोषित कर दिया था।

आईईओडब्ल्यू की टीम ने आरोपी की लगातार निगरानी की। खुफिया जानकारी और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर 12 जून 2026 को फरीदाबाद (हरियाणा) से उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी में एसआई प्रवीण कुमार, मोहित, कुलदीप और एएसआई दिलीप सिंह की टीम शामिल रही।

ईओडब्ल्यू का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस अब इस घोटाले के पूरे नेटवर्क, अन्य संलिप्त लोगों और धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि का पता लगाने में जुटी हुई है। साथ ही अन्य पीड़ितों की पहचान करने का काम भी तेज किया गया है।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी

Share this story

Tags