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Delhi Pollution: दशहरे के बाद बिगड़ी राजधानी की हवा, AQI 238 पहुंचा; GRAP का पहला चरण लागू

Delhi Pollution: दशहरे के बाद बिगड़ी राजधानी की हवा, AQI 238 पहुंचा; GRAP का पहला चरण लागू

दशहरे के बाद दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है। पटाखों के धुएं और मौसम में बदलाव के बीच राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खराब श्रेणी में पहुंच गया। प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण लागू कर दिया है। इसका उद्देश्य प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाना है।

24 घंटे में 59 अंक बढ़ा AQI

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, दशहरे से एक दिन पहले दिल्ली का AQI करीब 189 दर्ज किया गया था, जो मध्यम श्रेणी में आता है। इसके बाद बुधवार सुबह यह बढ़कर 238 पर पहुंच गया। यानी लगभग 24 घंटे में वायु गुणवत्ता सूचकांक में करीब 49 अंकों की बढ़ोतरी हुई।

AQI का 201 से 300 के बीच होना खराब श्रेणी में माना जाता है। ऐसे स्तर पर संवेदनशील लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। हालांकि, प्रदूषण में बढ़ोतरी के लिए पटाखों के धुएं के साथ मौसम और अन्य स्थानीय कारक भी जिम्मेदार हो सकते हैं।

जहांगीरपुरी और पूसा में AQI 300 के पार

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से सामने आए आंकड़ों में वायु गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई गई। रिपोर्ट के अनुसार, जहांगीरपुरी में AQI 308 और पूसा में 314 दर्ज किया गया। ये दोनों स्तर बेहद खराब श्रेणी में आते हैं।

बताया गया कि राजधानी के करीब 59 निगरानी केंद्रों में से 56 के आंकड़े उपलब्ध थे। कुछ इलाकों में हवा की स्थिति मध्यम रही, जबकि कई स्थानों पर प्रदूषण का स्तर अधिक दर्ज किया गया।

क्या है GRAP का पहला चरण?

GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए लागू किए जाने वाले उपायों की व्यवस्था है। इसके पहले चरण को खराब वायु गुणवत्ता की स्थिति में लागू किया जाता है।

इसके तहत सड़कों की नियमित सफाई, धूल कम करने के लिए पानी का छिड़काव, निर्माण स्थलों पर प्रदूषण नियंत्रण नियमों का पालन और खुले में कचरा जलाने पर रोक जैसे उपायों पर जोर दिया जाता है।

लोगों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?

प्रदूषण बढ़ने पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बाहर व्यायाम करने से बचें, प्रदूषण अधिक होने पर अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और स्थानीय वायु गुणवत्ता की जानकारी लेते रहें।

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर मौसम और अन्य परिस्थितियों के साथ बदल सकता है। इसलिए हवा की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखना और निर्धारित प्रदूषण नियंत्रण उपायों का पालन करना जरूरी है।

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