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दिल्ली पुलिस ने शहजाद भट्टी के खास ऑपरेटिव को किया गिरफ्तार, आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी के एक अहम सहयोगी को गिरफ्तार किया है, इसके साथ ही एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा भी किया है।
दिल्ली पुलिस ने शहजाद भट्टी के खास ऑपरेटिव को किया गिरफ्तार, आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़

नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी के एक अहम सहयोगी को गिरफ्तार किया है, इसके साथ ही एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा भी किया है।

यह सफलता ईस्टर्न रेंज की एक समर्पित टीम ने हासिल की, जिसमें इंस्पेक्टर राहुल कुमार, विनीत कुमार तेवतिया, और अजीत कुमार की अगुवाई थी। टीम का नेतृत्व एसीपी कैलाश सिंह बिष्ट की निगरानी में हुआ। इस ऑपरेशन से भट्टी और उसके विदेशी साथियों द्वारा चलाए जा रहे एक खतरनाक टेरर सिंडिकेट को बड़ा झटका लगा है।

गिरफ्तार व्यक्ति 18 वर्षीय हरमनदीप सिंह उर्फ हरमन है, जो प्रदीप का बेटा है और उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के निवासी है। उसके पास से एक काली स्प्रे पेंट की बोतल बरामद हुई, जिसका इस्तेमाल पंजाब के होशियारपुर जिले के तलवारा इलाके में तीन जगहों पर "टीटीएच" ग्रैफिटी लिखने के लिए किया गया था। इसके अलावा उसके मोबाइल फोन में शहजाद भट्टी और पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के साथ आपत्तिजनक चैट, ग्रैफिटी की तस्वीरें और वीडियो मिले हैं।

स्पेशल सेल की टीम लंबे समय से शहजाद भट्टी पर नजर रख रही थी, जो पाकिस्तान से भारत में आतंकी गतिविधियां संचालित कर रहा है। जांच में पता चला कि हरमन अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भट्टी और उसके विदेशी साथियों से नियमित संपर्क में था। हरमन ने दावा किया था कि उसके साथी दिल्ली के कश्मीरी गेट पर हुई गोलीबारी में शामिल थे। भट्टी के पाकिस्तानी साथियों ने भी सोशल मीडिया पर इस घटना की जिम्मेदारी ली थी। भट्टी के निर्देश पर हरमन ने तलवारा में "टीटीएच" ग्रैफिटी बनाई और उनकी फोटो-वीडियो शेयर किए। उसने उत्तर प्रदेश के रामपुर में भी दूसरों को ऐसी ग्रैफिटी करने के लिए उकसाया।

शहजाद भट्टी और उसके पाकिस्तानी हैंडलर्स सोशल मीडिया के माध्यम से भारत के युवाओं को निशाना बनाते हैं। वे युवाओं के प्रोफाइल का विश्लेषण कर उन्हें गैंग में शामिल करते हैं और दूर से पूरे ऑपरेशन को नियंत्रित करते हैं। इसमें जासूसी, फाइनेंशियल लेन-देन, लॉजिस्टिक्स और टारगेट चुनना शामिल होता है। पूछताछ में सामने आया कि यह एक सुनियोजित विदेशी टेरर मॉड्यूल है, जो पब्लिक जगहों पर ग्रेनेड हमलों जैसे हमलों की साजिश रचता था। इसमें पैसे के लालच, दूर से निर्देश और डिस्पोजेबल युवा ऑपरेटिव्स का इस्तेमाल होता था।

शुरुआत में नए सदस्यों को कम जोखिम वाले काम दिए जाते थे, जैसे कैश ट्रांसफर, ठिकाने का इंतजाम, संवेदनशील जगहों की रेकी और वीडियो बनाना, या ग्रैफिटी लिखकर लोगों का ध्यान खींचना। एक-दो ऐसे काम पूरे होने के बाद हैंडलर्स ग्रेनेड अटैक या फायरिंग जैसे बड़े काम सौंपते थे।

हरमनदीप सिंह का जन्म और पालन-पोषण रामपुर के शादी नगर में हुआ। उसके पिता को शराब और ड्रग्स की लत थी, जिसके कारण मां मटखेड़ा में मायके चली गईं। हरमन ने गांव में शुरुआती पढ़ाई की, लेकिन रुचि न होने से स्कूल छोड़ दिया। बाद में, उसने कई जगहों पर काम किया। मोबाइल फोन खरीदने के बाद, वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गया और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए रील्स पोस्ट करने लगा।

2023 में पिता से मारपीट के बाद घर छोड़कर ट्रेन से अमृतसर पहुंचा। वहां एक व्यक्ति से मिला, जिसने खुद को क्रिमिनल गैंग से जुड़ा बताया। गैंगस्टरों की लग्जरी लाइफस्टाइल देखकर प्रभावित होकर हरमन ने इंस्टाग्राम पर ऐसे ग्रुप्स फॉलो किए और बातचीत शुरू की।

बाद में उसने शहजाद भट्टी को फॉलो किया और उसकी लाइफस्टाइल से आकर्षित हुआ। धीरज उर्फ धीरू नामक व्यक्ति से संपर्क हुआ, जिसने 25 नवंबर 2025 को हरियाणा के सिरसा में महिला थाने पर ग्रेनेड हमला किया था और गिरफ्तार हो चुका है। हरमन ने धीरज को फाइनेंशियल मदद दी और भट्टी से कनेक्ट हुआ। भट्टी ने उसे अनस नामक व्यक्ति से मिलवाया और ड्रोन से हथियार स्मगलिंग का वादा किया। काम पूरे करने पर दुबई शिफ्ट होने और अच्छे पैसे देने का लालच दिया।

--आईएएनएस

एमएस/

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