दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, फर्जी बैंक गारंटी मामले में सीएफओ समेत 3 गिरफ्तार
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने फर्जी बैंक गारंटी तैयार कर टेंडर हासिल करने के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए रिलायंस पावर लिमिटेड के सीएफओ सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में अशोक कुमार पाल (सीएफओ, रिलायंस पावर लिमिटेड, उम्र 50 वर्ष), पार्थ सारथी बिस्वाल (मैनेजिंग डायरेक्टर, बिस्वाल ट्रेडलिंक प्रा. लि., ओडिशा, उम्र 54 वर्ष) और अमरनाथ दत्ता (निवासी कोलकाता, उम्र 50 वर्ष) शामिल हैं।
पिछले साल जून में मामला दर्ज किया गया था, जिसमें बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
यह शिकायत सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के मैनेजर बिबलेश मीना द्वारा दर्ज कराई गई थी। सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के तहत एक सार्वजनिक उपक्रम है।
शिकायत में आरोप था कि रिलायंस एनयू बीईएसएस लिमिटेड (रिलायंस पावर की सब्सिडियरी कंपनी) ने टेंडर प्रक्रिया के दौरान दो फर्जी बैंक गारंटी जमा कीं, जिनकी कुल राशि 68.20 करोड़ रुपए प्रत्येक थी।
ये गारंटी मलेशिया की एसीई इन्वेस्टमेंट बैंक और फिलीपींस की फर्स्ट रैंड बैंक लिमिटेड के नाम से जारी बताई गई थीं।
जांच में सामने आया कि इन बैंक गारंटियों की पुष्टि के लिए नकली ईमेल और फर्जी एसएफएमएस मैसेज का इस्तेमाल किया गया, जिन्हें बाद में एसबीआई ने पूरी तरह फर्जी बताया।
पुलिस जांच में पता चला कि अशोक कुमार पाल समेत अन्य आरोपियों ने मिलकर फर्जी बैंक गारंटी तैयार करने की साजिश रची। इसके लिए कई मध्यस्थों की मदद ली गई और फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के लिए बड़ी रकम का लेन-देन भी किया गया।
पुलिस ने इंस्पेक्टर लक्ष्मण कुमार, एसआई घनश्याम और अन्य अधिकारियों की टीम बनाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई डीसीपी ईओडब्ल्यू सुबोध कुमार गोस्वामी की निगरानी में की गई।
तीनों आरोपियों को 15 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया और उन्हें 23 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, अशोक कुमार पाल चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और 2018 से रिलायंस एडीएजी ग्रुप में सीएफओ के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, पार्थ सारथी बिस्वाल 12वीं पास व्यवसायी हैं और ओडिशा स्थित कंपनी के माध्यम से फर्जी बैंक गारंटी की व्यवस्था में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे।
अमरनाथ दत्ता बीसीए और इंपोर्ट-एक्सपोर्ट डिप्लोमा धारक हैं और इस पूरे मामले में बिचौलिए के रूप में काम कर रहे थे।
पुलिस ने कहा कि मामले में आगे जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
--आईएएनएस
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