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दिल्ली पुलिस का एंटी-ड्रग अभियान तेज, गिरफ्तारी से लेकर नेटवर्क पर कड़ा प्रहार

दिल्ली पुलिस का एंटी-ड्रग अभियान तेज, गिरफ्तारी से लेकर नेटवर्क पर कड़ा प्रहार
दिल्ली पुलिस का एंटी-ड्रग अभियान तेज, गिरफ्तारी से लेकर नेटवर्क पर कड़ा प्रहार

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। नशा मुक्त भारत मिशन के तहत दिल्ली पुलिस की कार्रवाई लगातार ड्रग नेटवर्क और तस्करों के खिलाफ जारी है। इसी को लेकर शाहदरा डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस गिरफ्तारी, जागरूकता अभियान और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के जरिए अपने एंटी-ड्रग अभियान को तेज कर रही है।

उन्होंने कहा कि नशा एक ऐसी सामाजिक बुराई है, जो हमारी वर्तमान और भविष्य की पीढ़ी को बर्बाद कर रही है। इस दिशा में गृह मंत्री और पुलिस कमिश्नर भी बहुत सीरियस है और नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी अपनाई है।

डीसीपी ने कहा कि नशा मुक्त भारत का जो संकल्प चल रहा है, उसके तहत शुक्रवार को शाहदरा जिले में भी हमने हॉटस्पॉट आइडेंटिफाई किया है और उन पर विशेष निगाह रखी जा रही है। साथ ही जो इसमें आइडेंटिफाइड ड्रग पेडलर्स हैं, उनसे रिकवरी करके उनके ऊपर मुकदमा दर्ज करके उनके गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक तीन बार हमने कमर्शियल रिकवरी की है, जिसमें भारी मात्रा में ड्रग्स और नारकोटिक्स बरामद हुआ है।

इसके लिए हमने विभिन्न टीमें बनाई हैं, जिसमें एक एंटी-नार्को स्क्वाड है। वह यहां पर काम करती है और उसके स्टाफ का एक प्राइमरी काम है कि वह जहां-जहां ये हॉटस्पॉट हैं, उन पर अपनी निगरानी रखे और जो कोई ड्रग पेडलर इस एरिया में सक्रिय है, उसके खिलाफ लीगल कानूनी कार्रवाई करे।

उन्होंने बताया कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही साथ हमने जागरूकता का भी ध्यान रखा है, जिसमें कुछ एनजीओ हैं, जिनकी सहायता से जो ये ड्रग प्रभावित क्षेत्र हैं। खासकर झुग्गी क्लस्टर या कच्ची बस्ती एरिया हैं, उनमें इनका प्रभाव ज्यादा है, तो वहां यह नशा के खिलाफ जागरूक करते हैं।

राजेंद्र प्रसाद मीणा ने कहा कि नशा के तस्करों पर कार्रवाई के लिए सबसे सख्त कदम यही है कि इसमें सबसे पहले इनका जो नेटवर्क है, वह तोड़ा जाए। इनका फाइनेंशियल सेटअप नष्ट किया जाए तब जाकर यह नशे का नेटवर्क टूटेगा।

उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए सामाजिक जागरूकता बेहद जरूरी है। इसके लिए लोगों को समाज के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्कूलों और पीजी (पेइंग गेस्ट आवासों) में जाकर बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना उनकी दैनिक कार्ययोजना का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्टाफ को नियमित रूप से विभिन्न स्थानों पर जाकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए जाते हैं।

उन्होंने जनता से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और नशा मुक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा, "नशा कूल नहीं है।"

--आईएएनएस

डीके/वीसी

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