दिल्ली-एनसीआर में ठंड ने दी दस्तक, बढ़ रहा है प्रदूषण का स्तर
नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली समेत पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। जहां एक ओर न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर हवा की गुणवत्ता भी लगातार खराब होती जा रही है। गिरते ताममान की वजह से सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है।
प्रदूषण का स्तर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिसने चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की स्थानीय मौसम रिपोर्ट और पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिलेगी। 20 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
21 और 22 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री रहने के साथ न्यूनतम तापमान 19 डिग्री तक रहेगा। 23 अक्टूबर से तापमान में मामूली बढ़ोतरी होकर अधिकतम 34 डिग्री तक जा सकता है, लेकिन 25 अक्टूबर तक न्यूनतम तापमान 18-19 डिग्री के आसपास ही बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार इन दिनों आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, हालांकि 24 और 25 अक्टूबर को आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। मौसम में बदलाव के साथ ही दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली होती जा रही है।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, गाजियाबाद के लोनी इलाके में प्रदूषण खतरे के निशान (रेड जोन) के पार पहुंच गया है। यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 309 दर्ज किया गया है, जो कि 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। गाजियाबाद के अन्य इलाकों की बात करें तो वे भी बुरी तरह प्रभावित हैं। वेब सिटी का एक्यूआई 217, संजय नगर का 204, वसुंधरा का 203 और इंदिरापुरम का 195 दर्ज किया गया है।
राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में भी प्रदूषण लाल निशान के करीब पहुंच गया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो बवाना इलाका सबसे अधिक प्रभावित है, जहां एक्यूआई 237 है। चांदनी चौक में एक्यूआई 211 और आया नगर में 161 दर्ज किया गया है। बुराड़ी क्रॉसिंग में 152 और बुराड़ी में 126 एक्यूआई है। कैंटोनमेंट एरिया में 126 और आनंद विहार में 120 एक्यूआई दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क इलाके में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक है। नॉलेज पार्क-3 का एक्यूआई 235 और नॉलेज पार्क-5 का एक्यूआई 201 दर्ज किया गया है।
प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा या सांस की बीमारियों से ग्रसित लोगों को घरों से बाहर निकलने से बचना चाहिए। अगर बाहर निकलना भी पड़े तो मास्क का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। सुबह के समय हल्की ठंड और प्रदूषण के कारण धुंध (स्मॉग) की स्थिति बन सकती है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है।
--आईएएनएस
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