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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सख्ती, सीएक्यूएम का 'ऑपरेशन क्लीन एयर' शुरू

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सख्ती, सीएक्यूएम का 'ऑपरेशन क्लीन एयर' शुरू
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सख्ती, सीएक्यूएम का 'ऑपरेशन क्लीन एयर' शुरू

नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने, धूल रोकने के उपायों को बेहतर ढंग से लागू करने और शहरी सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने की लगातार कोशिशों के तहत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को दिल्ली में 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत एक खास निरीक्षण अभियान चलाया।

यह निरीक्षण आयोग द्वारा 7 जनवरी 2025 को जीएनसीटीडी और एनसीआर राज्य सरकारों को जारी और अधिसूचित शहरी सड़कों की पेविंग और हरियाली के स्टैंडर्ड फ्रेमवर्क के अनुसार किए गए सड़क रीडेवलपमेंट कार्यों की स्थिति का जायजा लेने के लिए किया गया था।

इस इंस्पेक्शन ड्राइव के लिए कमीशन की 10 फ्लाइंग स्क्वाड को म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (एमसीडी) के अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों का निरीक्षण करने के लिए तैनात किया गया था। इस इंस्पेक्शन में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में लगभग 13 किलोमीटर की 79 सड़कों को शामिल किया गया।

इंस्पेक्शन के दौरान जिन 79 सड़कों का निरीक्षण किया गया, उनमें से 78 सड़कों पर पूरी तरह से पेविंग (पक्की सड़क) पाई गई, जो कमीशन द्वारा निर्धारित स्टैंडर्ड फ्रेमवर्क के पालन को दर्शाती है। बाकी एक सड़क पर सड़क निर्माण और रीडेवलपमेंट का काम चल रहा था।

इससे पहले 18 जून को कमीशन ने पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (पीडब्ल्यूडी), जीएनसीटीडी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली लगभग 69 किलोमीटर की 48 सड़कों का निरीक्षण करने के लिए 9 फ्लाइंग स्क्वाड तैनात की थीं। इसमें अलग-अलग 'राइट ऑफ वे' (आरओडब्ल्यू) कैटेगरी यानी 10 मीटर से कम, 10 से 15 मीटर और 15 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़कों को शामिल किया गया था।

उस इंस्पेक्शन के दौरान 41 सड़कों (लगभग 66 किलोमीटर) पर पूरी तरह से पेविंग देखी गई थी। हालांकि, 7 सड़कों पर पूरी तरह से पेविंग नहीं पाई गई, जबकि 9 सड़कों के किनारे बिना पेविंग वाले या गायब रास्ते देखे गए और 21 सड़कों पर पक्के सेंट्रल वर्ज (सड़क के बीच का हिस्सा) नहीं थे, जिससे निर्धारित फ्रेमवर्क के अनुसार और सुधार की जरूरत का पता चलता है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी से गलत रिपोर्टिंग के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है।

इस दौरान आयोग ने देखा कि एमसीडी द्वारा किए गए सड़क के पुनर्निर्माण कार्यों से निरीक्षण किए गए सड़क के हिस्सों पर पेविंग (सड़क की सतह को पक्का करने) में काफी सुधार हुआ है। इससे शहरी इलाकों में पार्टिकुलेट प्रदूषण के मुख्य स्रोतों में से एक सड़क की धूल से होने वाले उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी।

इंस्पेक्शन के दौरान आयोग ने फिर से कहा कि सड़कों और उनसे जुड़े रास्तों की सही पेविंग, वाहनों की आवाजाही से धूल के दोबारा उड़ने को कम करने और मशीनीकृत सड़क की सफाई व धूल कम करने के अन्य उपायों को प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाती है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को सलाह दी है कि वे बचे हुए पुनर्निर्माण कार्य को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करें और नियमित देखभाल व रखरखाव के जरिए पुनर्निर्मित सड़क के बुनियादी ढांचे को बनाए रखें।

इसी के साथ आयोग ने इस बात पर भी जोर दिया कि सड़क की धूल को लंबे समय तक कम करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में सड़कों की देखरेख करने वाली सभी एजेंसियों द्वारा शहरी सड़कों की पेविंग और हरियाली के लिए 'मानक ढांचे' को लागू करना जरूरी है। वायु प्रदूषण नियंत्रण के विभिन्न उपायों के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन की निगरानी करने और जहां भी जरूरत हो, समय पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में 'ऑपरेशन क्लीन एयर' के तहत निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे।

--आईएएनएस

डीके/एबीएम

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