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दिल्ली: मोबाइल इंटरनेट सस्पेंशन पर रोक लगाने की मांग, केंद्र के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती

दिल्ली: मोबाइल इंटरनेट सस्पेंशन पर रोक लगाने की मांग, केंद्र के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती
दिल्ली: मोबाइल इंटरनेट सस्पेंशन पर रोक लगाने की मांग, केंद्र के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती

नई दिल्ली, 23 जुलाई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद करने के केंद्र सरकार के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता ने इंटरनेट बंदी के आदेश के साथ-साथ प्रदर्शन स्थलों के आसपास लगाए गए प्रतिबंधों को भी अदालत में चुनौती दी है। मामले में शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट से जल्द सुनवाई की मांग किए जाने की तैयारी है।

याचिका में केंद्र सरकार के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत टेलीकॉम कंपनियों को मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने का निर्देश दिया गया था। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह आदेश राजधानी में जारी प्रदर्शनों के दौरान जारी किया गया, जिससे आम नागरिकों के संचार और सूचना तक पहुंच के अधिकार पर असर पड़ा। याचिका में अदालत से इस आदेश की वैधता की न्यायिक समीक्षा करने और लगाए गए प्रतिबंधों पर रोक लगाने की मांग की गई है।

गौरतलब है कि इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार शाम 4 बजे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर जंतर-मंतर के आसपास आठ घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश जारी किया था। एक अधिकारी के अनुसार, यह आदेश 23 जुलाई को शाम 4:00 बजे से रात 12:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि सक्षम प्राधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि जन-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार के अपराध के लिए उकसावे या अफवाहों के प्रसार को रोकने के हित में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करना आवश्यक है। आदेश के अनुसार, जंतर-मंतर के आसपास लगभग 1.5 किलोमीटर के दायरे में सभी तकनीकों पर आधारित मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निर्धारित अवधि तक निलंबित रखने के निर्देश दिए गए थे।

यह आदेश महेंद्र विक्रम सिंह की ओर से जारी किया गया। इसमें टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया गया कि निर्धारित क्षेत्र और समयावधि के दौरान सभी प्रकार की मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रखी जाएं।

यह आदेश टेलीकम्युनिकेशन एक्ट, 2023 की धारा 20 की उप-धारा (2) के क्लॉज (बी) और टेलीकम्युनिकेशन्स (सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने के नियम) 2024 के नियम 2 के उप-नियम 1 के क्लॉज (बी) व नियम 3 के उप-नियम 1 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जारी किया गया।

इस पूरे मामले पर अब हर किसी की निगाहें दिल्ली हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।

--आईएएनएस

पीएसके

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