दिल्ली में स्कूली शिक्षा के साथ हायर एजुकेशन का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा: आशीष सूद
नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार शिक्षा के क्षेत्र में बीते 11 महीने में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराई जा सके। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने बजट के दौरान नरेला एजुकेशन सिटी को स्थापित करने का वचन दिया था, उसमें बहुत बड़ा कदम उठाया गया है।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार ने बहुत छोटे कालखंड में ही नरेला एजुसिटी के रास्ते को साफ कर दिया है। उपराज्यपाल के साथ मैंने दो विश्वविद्यालय, दिल्ली शिक्षक यूनिवर्सिटी और दिल्ली आईपी यूनिवर्सिटी के कैंपस के जमीन के पार्सल के एमओयू आदान-प्रदान किए हैं।
डीडीए के साथ इससे लगभग तीन यूनिवर्सिटी की जमीन उनको मिल गई है। बाकी यूनिवर्सिटी का भी हम पैसा देकर एजुसिटी की सारी जमीन का अधिग्रहण कर लेंगे और अधिग्रहण के बाद दिल्ली की वर्ल्ड क्लास टेक्निकल यूनिवर्सिटी को लगभग 160 एकड़ के बड़े कैंपस में साझा सुविधाओं के साथ चलाकर इनोवेशन और टेक्निकल एजुकेशन के बड़े रास्ते खुल जाएंगे।
उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा कि नरेला को शिक्षा का नया केंद्र बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना की उपस्थिति में 35 प्लस एकड़ डीडीए भूमि का हस्तांतरण गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी और दिल्ली टीचर यूनिवर्सिटी को किया गया। नई यूनिवर्सिटी कैंपस न सिर्फ दिल्ली की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देंगे, बल्कि नरेला को आधुनिक, आत्मनिर्भर एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होंगे।
पूर्व की सरकार पर आरोप लगाते हुए आशीष सूद ने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनवरी 2024 में भूमि आवंटन के बावजूद पिछली सरकार ने अपनी ही यूनिवर्सिटी की मांगों को नजरअंदाज किया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हमारी सरकार ने आते ही पहले बजट में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान कर कार्य को गति दी।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने बताया कि उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के साथ डीडीए की भूमि पर बनी लाइब्रेरी का दौरा किया गया। इस दौरान लाइब्रेरी में उपलब्ध अध्ययन सुविधाओं, बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता एवं समग्र इंफ्रास्ट्रक्चर का गहन निरीक्षण किया गया। साथ ही वहां अध्ययन कर रहे युवाओं से संवाद कर उनके अनुभवों, सुझावों और आवश्यकताओं को जाना गया, ताकि व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
--आईएएनएस
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